CJP Slams Delhi Police: जंतर-मंतर पर बढ़ा तनाव, FRS निगरानी और भारी पुलिस तैनाती के बीच आमने-सामने आंदोलनकारी और पुलिस

जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्र आंदोलन के बीच तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने FRS कैमरों और भारी सुरक्षा व्यवस्था का सहारा लिया, जबकि संगठन ने पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताते हुए पलटवार किया।

Tension Escalates: दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े छात्र आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण बताया जा रहा है। एक ओर दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, वहीं दूसरी ओर CJP ने पुलिस पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बर्बरता का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर जारी है।

FRS कैमरों से निगरानी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया गया है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानी FRS से लैस कैमरों के जरिए भीड़ पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे 2,000 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है, जिनका कथित तौर पर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर CJP की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

3,000 जवान तैनात

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर करीब 10,000 लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 20 जुलाई की झड़प के बाद पुलिस की ओर से 15 FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, इस घटनाक्रम में करीब 130 पुलिसकर्मियों और लगभग 65 छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है। इन आंकड़ों ने आंदोलन के दौरान बिगड़ी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

CJP का पलटवार

FRS कैमरों और पुलिस कार्रवाई को लेकर CJP ने दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग किया और कई छात्रों के साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें आईं और छात्राओं के साथ भी कथित दुर्व्यवहार किया गया। रांका ने कहा कि संगठन अब उन पुलिसकर्मियों की पहचान सामने लाने की तैयारी कर रहा है, जिन पर प्रदर्शनकारियों के साथ ज्यादती करने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जनता के सामने सूची

CJP प्रवक्ता ने कहा कि संगठन पुलिस की तकनीकी निगरानी का जवाब अपने तरीके से देगा। उनका दावा है कि जिन पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप है, उनकी पहचान जुटाकर सार्वजनिक की जाएगी। CJP का कहना है कि वह इस मुद्दे को जनता के सामने ले जाएगी और कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगेगी। दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को रोकने के लिए की जा रही है। ऐसे में दोनों पक्षों के आरोपों के बीच विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है।

जंजीरों से बैरिकेडिंग

वीकेंड पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने की आशंका के चलते नई दिल्ली जिले में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले संवेदनशील रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा घेरा मजबूत रखने के लिए भारी लोहे के बैरिकेड्स को मोटी लोहे की जंजीरों से बांधा गया है, ताकि भीड़ के दबाव में उन्हें हटाया न जा सके। फिलहाल जंतर-मंतर पर पुलिस की सख्त निगरानी और CJP के लगातार विरोध के बीच तनाव बना हुआ है। आंदोलन की आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन और प्रदर्शनकारी बातचीत के जरिए समाधान की ओर बढ़ते हैं या टकराव और तेज होता है।

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