Delhi Illegal Construction Bulldozer Action:सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को अवैध और खतरनाक इमारतों पर बुलडोजर चलाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को 17 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के बाद बुधवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने को कहा है।
PG-हॉस्टल की जांच
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सभी पीजी और हॉस्टल का सघन निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर उन इमारतों की जांच की जाएगी, जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन होने की आशंका है। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा है कि जहां भी अवैध निर्माण मिले, वहां तेजी से कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि निर्माण कब हुआ और उस समय किस अधिकारी या विभाग के अधिकार क्षेत्र में संबंधित इलाका था।
17 इमारतें ध्वस्त
एमसीडी ने मंगलवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया और पांच संपत्तियों को सील किया। इसके अलावा नौ लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 लोगों या संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। निगम का कहना है कि खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इन इलाकों में कार्रवाई
मंगलवार को सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई क्षेत्रों में कार्रवाई हुई। जांच में कहीं बिना नक्शा पास कराए निर्माण मिला, तो कहीं निर्धारित सीमा से अधिक मंजिलें बनाई गई थीं। कुछ इमारतों का ढांचा भी कमजोर पाया गया।
नोटिसों की भरमार
सोमवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वरिष्ठ सरकारी व एमसीडी अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें पीजी वाले इलाकों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। 1 से 8 सितंबर के बीच एमसीडी ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 को सील किया। इसी दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए 90, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
आंकड़े बताते हैं सख्ती
एमसीडी के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई और 456 संपत्तियों को सील किया गया। इस अवधि में अनधिकृत निर्माण के लिए 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 नोटिस और 687 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। सरकार का फोकस अब नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के साथ-साथ लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान पर भी है।
