Delhi Laxmi Yojana: दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ₹5110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी, जबकि पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर जारी करने की तैयारी है।
3 बच्चों की सीमा क्यों रखी गई?
योजना में सबसे ज्यादा चर्चा तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को अपात्र घोषित करने की शर्त को लेकर हो रही है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य छोटे परिवार को प्रोत्साहित करना, सरकारी संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना और आर्थिक सहायता को जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। कई अन्य राज्यों की सरकारी योजनाओं में भी इसी तरह की पात्रता शर्तें पहले से लागू हैं।
कितनी महिलाएं होंगी प्रभावित?
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार दिल्ली में लगभग 8.5 प्रतिशत महिलाओं के तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, जो राष्ट्रीय औसत 10.5 प्रतिशत से कम है। अनुमान है कि इस नई शर्त के कारण करीब 15 प्रतिशत महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रह सकती हैं, जबकि अधिकांश पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
योजना के तहत आयकरदाता, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाले परिवार, सरकारी कर्मचारी, पहले से किसी सरकारी पेंशन या वित्तीय सहायता का लाभ लेने वाली महिलाएं, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, सालाना 2400 यूनिट से अधिक बिजली खपत वाले परिवार तथा तीन से अधिक बच्चों की माताएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
कैसे मिलेगी सहायता राशि?
सरकार ने राशि के सीधे नकद उपयोग के बजाय बचत को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। एक विकल्प के तहत ₹1500 आरडी/एफडी खाते में जमा होंगे और ₹1000 डिजिटल वॉलेट में दिए जाएंगे। दूसरे विकल्प में पूरी ₹2500 की राशि आरडी या एफडी खाते में जमा की जाएगी, ताकि महिलाओं की दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सके।
