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Delhi-NCR Metro Expansion: बनेंगे 18 नए कॉरिडोर, 400 किमी से ज्यादा होगा नेटवर्क, हर घर से मेट्रो तक आसान पहुँच

Delhi-NCR Metro Expansion: दिल्ली और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अब मेट्रो का दायरा और भी बड़ा करने जा रहा है। इसके लिए 18 नए मेट्रो कॉरिडोर की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि रोजगार के कई नए मौके भी मिलेंगे।

दो चरणों में तैयार होगी परियोजना

इस मेगा प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है।

फेज-5A: 3 कॉरिडोर की विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।

फेज-5B: बाकी 15 कॉरिडोर की प्रक्रिया जारी है।

यह योजना केंद्र सरकार के नेशनल मोबिलिटी प्लान के तहत बनाई गई है, जिसे आर्थिक मदद भी मिलेगी।

एनसीआर के 5 बड़े शहर होंगे जुड़ाव का हिस्सा

नई मेट्रो योजना में दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ जैसे प्रमुख शहरों को भी जोड़ा जाएगा। सिर्फ गाजियाबाद में ही 5 नए रूट्स बनाए जाएंगे:

वैशाली से मोहन नगर

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद

मयूर विहार फेज-3 से लोनी बॉर्डर

नया बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन

गोकुलपुरी से अर्थला

इसके अलावा कुछ और नए प्रस्तावित रूट्स भी हैं, जैसे:

द्वारका सेक्टर-21 से उद्योग विहार, गुरुग्राम

तुगलकाबाद से नोएडा सेक्टर-142

राजा नाहर सिंह से पलवल

बहादुरगढ़ से असुधा

400 किमी से ज्यादा नेटवर्क

डीएमआरसी का कहना है कि 18 नए कॉरिडोर मिलाकर कुल 404 किलोमीटर का नेटवर्क तैयार होगा। खास बात यह है कि मेट्रो स्टेशनों को इस तरह बनाया जाएगा कि लोग अपने घर से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर मेट्रो पकड़ सकें।

फेज-4 की मौजूदा स्थिति

अभी फेज-4 के तहत 6 कॉरिडोर में से 3 पर काम तेज़ी से चल रहा है:

तुगलकाबाद से एयरोसिटी

इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम

मौजपुर से मजलिस पार्क

कुल लंबाई 65.15 किलोमीटर होगी। इस दौरान अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों तरह के स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर:

इंद्रप्रस्थ से आरके आश्रम: 9.5 किमी, 8 भूमिगत स्टेशन

एयरोसिटी से टर्मिनल: 2.3 किमी, 1 स्टेशन

तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज: 4 किमी, 3 एलिवेटेड स्टेशन

क्या होगा फायदा?

ट्रैफिक जाम में भारी कमी

यात्रियों को घर से मेट्रो तक आसान पहुँच

रोजगार के हजारों नए मौके

रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा

पर्यावरण को फायदा

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