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Paharganj sex racket: दिल्ली में कहां हुआ sex racket का भंडाफोड़, delivery in 10 minutes की तर्ज पर कर रहे थे supply

Paharganj sex racket: नई दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। यहां लड़कियों को ऑर्डर पर होटलों में भेजा जा रहा था, ठीक वैसे ही जैसे खाने की डिलीवरी सर्विस चलती है। इस अवैध धंधे में दलालों ने एक सुनियोजित सिस्टम बना रखा था, जहां लड़कियों को 5 से 10 मिनट में ग्राहक के पास भेजा जाता था। इसके बदले ग्राहकों से 700 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक वसूले जाते थे।

होटलों में चल रहा था गंदा खेल

दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि पहाड़गंज के कुछ होटलों और मकानों में लड़कियों को जबरदस्ती रखकर देह व्यापार के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने चूना मंडी स्थित होटल ‘Yes Please’, ‘God Inn’ और एक दो मंजिला इमारत पर छापा मारा। इस छापेमारी में कुल 22 लड़कियां बरामद हुईं, जिनमें एक उज़्बेकिस्तानी लड़की और एक नाबालिग लड़का भी शामिल था।

दलाल गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

इस मामले में पुलिस ने कुछ दलालों को हिरासत में लिया है, लेकिन इस गोरखधंधे के मुख्य सरगना निज़ाम और रेहान फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। जांच में पता चला है कि जिस मकान में लड़कियों को रखा गया था, वह इन्हीं दोनों के नाम पर लीज पर लिया गया था।

NGO ‘मनोबल’ की संस्थापक निर्मला बी. वाल्टर ने बताया कि उन्होंने इस गिरोह की जानकारी जिला उपायुक्त हर्षवर्धन को दी थी। इसके बाद आधी रात को महिला चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर किरण सेठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। छापा इतनी तेजी से मारा गया कि किसी को भागने का मौका तक नहीं मिला।

नेपाल, असम और बंगाल से लाई गईं लड़कियां

छापेमारी के दौरान होटल ‘Yes Please’ से तीन लड़कियां, ‘God Inn’ से चार लड़कियां और चूना मंडी की एक इमारत से 16 लड़कियां बरामद हुईं। इन लड़कियों को नेपाल, असम और पश्चिम बंगाल से बहला-फुसलाकर इस धंधे में धकेला गया था।

10 मिनट में ‘ऑर्डर’ की डिलीवरी

इस रैकेट में दलालों ने एक पूरी सप्लाई चेन बना रखी थी। होटल और मकानों के बाहर डिलीवरी बॉय स्कूटी और बाइक के साथ खड़े रहते थे। ग्राहक के ऑर्डर देने पर वे लड़की को 10 मिनट के अंदर होटल पहुंचाते और फिर वापस ले आते थे।

लड़कियों को मजबूर किया जाता था

NGO ‘मनोबल’ की संस्थापक निर्मला बी. वाल्टर के मुताबिक, लड़कियों को इस दलदल में सिर्फ जबरदस्ती नहीं धकेला जाता था, बल्कि उनकी आर्थिक मजबूरियों और भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाकर इस गंदे धंधे में उतारा जाता था।

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