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Delhi Road Accident: हादसे में 23 साल तक अकेले पाले बेटे की मौत, छलका मां का दर्द, सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल

Delhi Accident: दिल्ली में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक मां की जिंदगी उजाड़ दी। सोमवार को बातचीत में इन्ना माकन ने बताया कि उन्हें दोपहर 1 बजकर 19 मिनट पर पुलिस का फोन आया था। पुलिस ने कहा कि एक R-15 बाइक दुर्घटनाग्रस्त मिली है और एक लड़के की मौके पर ही मौत हो गई है।

मां का टूटा दिल

यह खबर सुनते ही वह घबराकर तुरंत मौके पर पहुंचीं। सड़क पर उनका बेटा साहिल धनेश्रा बुरी हालत में पड़ा था। उसकी स्पोर्ट्स बाइक तीन टुकड़ों में टूट चुकी थी और जैकेट के भी चिथड़े उड़ गए थे। मां अपने बेटे को उस हालत में देखकर टूट गईं और जोर-जोर से रोने लगीं।

एंबुलेंस खड़ी रही

इन्ना ने बताया कि वह करीब 1:30 से 1:35 के बीच मौके पर पहुंची थीं। वहां पहले से एंबुलेंस मौजूद थी, लेकिन उनका बेटा सड़क पर ही पड़ा रहा। उन्होंने कहा कि वह करीब 10 मिनट तक चिल्लाती रहीं, लेकिन किसी ने तुरंत उसे उठाकर एंबुलेंस में नहीं डाला।

लोग पहले से मौजूद

उनके पहुंचने से पहले उनके ऑफिस की एक सहकर्मी और पड़ोसी भी वहां पहुंच चुके थे। मां का आरोप है कि उनके आने के करीब 10 मिनट बाद बेटे को उठाकर एंबुलेंस में रखा गया और फिर अस्पताल ले जाया गया। वह भी पीछे-पीछे अस्पताल पहुंचीं।

अस्पताल में लंबा इंतजार

बेटे को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया। मां का कहना है कि अस्पताल में वह करीब चार घंटे तक रोती-चिल्लाती रहीं और बेटे की बॉडी मांगती रहीं। वह आखिरी कोशिश करना चाहती थीं और अपने खर्च पर उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।

पोस्टमार्टम के बाद मिला शव

उनकी लाख गुहार के बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। बाद में बेटे के शव को मोर्चरी भेज दिया गया और पोस्टमार्टम के बाद ही उन्हें सौंपा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने मां को अंदर से तोड़ दिया है।

सिंगल मदर का संघर्ष

इन्ना ने बताया कि वह सिंगल मदर हैं और उन्होंने 23 साल तक अकेले अपने बेटे की परवरिश की थी। उन्होंने कहा कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनका बेटा इस देश से बाहर जाकर बेहतर जिंदगी जीए। अब बेटे की मौत के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है।

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