Site icon News1India

चुनाव आयोग की उच्च स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला, आधार कार्ड से वोटर आईडी लिंक करने की प्रक्रिया तेज

New Delhi

New Delhi: आगामी महीनों में मतदाता पहचान पत्र (EPIC) को आधार कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में संवैधानिक दायरे में रहकर आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से जल्द ही यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) और चुनाव आयोग (ECI) के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच परामर्श शुरू किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग की उच्च स्तरीय बैठक

चुनाव आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के अलावा केंद्रीय गृह सचिव, विधि मंत्रालय के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, UIDAI के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि EPIC को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 23(4), 23(5) और 23(6) के प्रावधानों के अनुसार तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप होगी।

फर्जी मतदाताओं की पहचान करने पर जोर

चुनाव आयोग ने साफ किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। मतदाता सूची में गड़बड़ियों को रोकने और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। चुनाव आयोग (New Delhi) के अनुसार कुछ राज्यों में खराब अल्फान्यूमेरिक सीरीज के कारण गलती से एक ही EPIC नंबर दोबारा जारी हो गए थे। हालांकि आयोग का कहना है कि इसे फर्जीवाड़ा नहीं कहा जा सकता लेकिन अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़े: दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंडन एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों को लेकर केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल

इस बैठक का आयोजन ऐसे समय में हुआ जब तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SCP) और बीजू जनता दल (BJD) जैसे कई राजनीतिक दलों ने मतदाता पहचान पत्रों की सत्यता को लेकर सवाल उठाए हैं। इन दलों ने एक ही EPIC नंबर वाले मतदाताओं की समस्या को लेकर आयोग से जवाब मांगा था। अब चुनाव आयोग (New Delhi) ने इस मुद्दे का ठोस और वैज्ञानिक समाधान निकालने के लिए मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने का फैसला किया है। आने वाले हफ्तों में तकनीकी विशेषज्ञों के बीच इस पर विस्तृत चर्चा होगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Exit mobile version