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Survivor Nitish : दिल्ली इमारत हादसे में डेढ़ घंटे मलबे में फंसा था, चार दिन बाद घर लौटा तो दादी ने सीने से लगाया

Nitish Chib Delhi Building Collapse

Nitish Chib Delhi Building Collapse:दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे के बाद मौत को मात देकर लौटे 19 वर्षीय नितिश चिब जब अपने घर की दहलीज पर पहुंचे, तो चार दिनों से पसरा सन्नाटा खुशी और भावुकता में बदल गया।

नितिश को सामने देखकर 90 वर्षीय दादी निर्जला देवी खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने पोते को सीने से लगा लिया और फफक-फफक कर रोने लगीं। कांपते हाथों से नितिश का चेहरा छूते हुए दादी बस यही कहती रहीं, “मेरा बाबू लौट आया।”

परिवार के लिए ये पल राहत और खुशी से भरे थे। नितिश भी इस घटना को अपना दूसरा जन्म मान रहे हैं। साथ ही वह अपने दोस्त नीरज बाबा के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जो गंभीर हालत में एम्स में भर्ती हैं।

डेढ़ घंटे मलबे में फंसे रहे

नितिश दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीकॉम प्रोग्राम के छात्र हैं। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के दौरान वह मलबे में दब गए थे।

करीब डेढ़ घंटे तक नितिश मलबे के नीचे जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। इसके बाद सीनियर्स और एनडीआरएफ कर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

नितिश ने बताया कि हादसे के वक्त वह और उनके दोस्त नीरज बाबा एक साथ बैठे हुए थे। अचानक इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और दोनों मलबे में फंस गए।

जम्मू पहुंचते ही खत्म हुआ इंतजार

रविवार से बुधवार तक नितिश के परिवार का हर सदस्य उनकी सलामती के लिए दुआ करता रहा। चार दिनों की बेचैनी और अनहोनी की आशंका उस समय खत्म हुई, जब गुरुवार सुबह 7:10 बजे नितिश अपनी मां सीमा देवी और बहन पल्लवी के साथ जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचे।

घर पहुंचते ही नितिश ने सबसे पहले अपनी दादी के पैर छुए। पोते को सामने देखकर निर्जला देवी की आंखों से खुशी और राहत के आंसू निकलते रहे। मां सीमा देवी और पिता पवन सिंह भी अपने बेटे को बार-बार निहारते रहे और ईश्वर का शुक्रिया अदा किया।

रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़

नितिश के हादसे में फंसने की खबर मिलने के बाद से ही परिवार में लगातार दुआओं का दौर चल रहा था। सुरक्षित घर लौटने पर ताया परवीन सिंह चिब और ताई गुलशन देवी, ताया शशि पाल सिंह चिब और ताई सीमा देवी, ताया नीलम सिंह और ताई अनु देवी समेत परिवार के सभी सदस्यों की आंखें नम थीं।

नितिश के घर लौटने की खबर फैलते ही रिश्तेदारों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों का आना शुरू हो गया। हर कोई उनकी सलामती के बारे में जानना चाहता था। लोगों का कहना था कि इतने बड़े हादसे में डेढ़ घंटे तक मलबे में रहने के बाद सुरक्षित बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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