Parliament LIVE: मॉनसून सत्र में आज फिर घमासान, राम मंदिर दान विवाद और कई विधेयकों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार को सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष राम मंदिर दान विवाद, नीट आंदोलन और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा।

Parliament Monsoon Session

Parliament LIVE: सोमवार को संसद का मॉनसून सत्र दोबारा शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमाने के पूरे आसार हैं। केंद्र सरकार लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने और उन्हें पारित कराने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर विपक्ष पहले से ही आक्रामक रणनीति बनाकर तैयार है और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना चुका है। माना जा रहा है कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है।

विपक्ष का सरकार पर हमला

सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने राज्यसभा में अयोध्या राम मंदिर दान विवाद को लेकर रूल 267 के तहत सदन की कार्यवाही स्थगित कर चर्चा कराने का नोटिस दिया है। वहीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए एंटी डिफेक्शन कानून को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। इसके अलावा विपक्ष नीट आंदोलन से जुड़े छात्रों के साथ हुई कथित हिंसा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

सरकार का विधायी एजेंडा

सरकार इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों में कम से कम छह महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने या पारित कराने की योजना बना रही है। इनमें विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक भी शामिल है, जिसे पहले बजट सत्र में टाल दिया गया था। हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल और विपक्ष के विरोध को देखते हुए पहले चर्चा में रहे परिसीमन विधेयक को इस सत्र में पेश किए जाने के संकेत फिलहाल नहीं मिल रहे हैं।

पिछले सप्ताह का विवाद

मॉनसून सत्र के पिछले सप्ताह भी संसद में कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला था। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा और संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इसी दौरान सांसद पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण कर राम मंदिर दान विवाद को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था, जिसकी राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई।

आज फिर टकराव के आसार

सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के फ्लोर लीडरों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार विपक्ष दोहरी रणनीति अपनाएगा। एक ओर संसद के भीतर विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा, जबकि दूसरी ओर संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार भी अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी में है। ऐसे में सोमवार का दिन संसद में जोरदार राजनीतिक टकराव और हंगामे वाला साबित हो सकता है।

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