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दिल्ली में दुकानों को दिया गया सनातनी सर्टिफिकेट, चर्चा में आया विश्व हिंदू परिषद का नया अभियान

Delhi Kanwar Yatra

Delhi Kanwar Yatra : सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का दौर भी शुरू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने दिल्ली में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों, खासकर उन रेस्टोरेंट्स, होटलों और किराना स्टोर्स को “सनातनी प्रमाण पत्र” प्रदान किया जा रहा है, जो केवल शाकाहारी भोजन बेचते हैं और सनातन हिंदू मूल्यों का पालन करते हैं।

क्या है सनातनी सर्टिफिकेट का रहस्य ?

इस पहल का मकसद ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करना है जो पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसते हैं और जिनकी रसोई में किसी भी प्रकार के मांसाहारी उत्पादों का उपयोग नहीं होता। वीएचपी की टीमें इन दुकानों की किचन और उत्पादों की जांच कर रही हैं। जांच के बाद यदि मानदंड पूरे होते हैं, तो उन्हें एक विशेष स्टिकर दिया जाता है, जिस पर लिखा होता है: “यह एक सनातन हिंदू प्रतिष्ठान है जो सनातन धर्म के नियमों का पालन करता है।” इस स्टिकर की मदद से श्रद्धालु दूर से ही यह पहचान सकेंगे कि कौन सी दुकान उनके धार्मिक नियमों के अनुरूप है।

व्यापक स्तर पर चल रहा अभियान

वीएचपी ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली के 173 ब्लॉकों में लगभग 150 टीमें तैनात की हैं। ये टीमें स्थानीय धार्मिक संगठनों के सहयोग से सर्वेक्षण और निरीक्षण का कार्य कर रही हैं। वीएचपी के दिल्ली राज्य मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि यह अभियान जुलाई महीने भर चलेगा और इसका लक्ष्य करीब 5,000 दुकानों का निरीक्षण करना है। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक शुद्धता बनाए रखना है जो दिल्ली से होकर हरियाणा और राजस्थान की ओर गंगा जल लेकर जाते हैं।

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मांस की दुकानों को लेकर सख्ती

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए, दिल्ली सरकार भी सक्रिय हो गई है। मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की है कि कांवड़ मार्ग पर मौजूद मांस की दुकानें और अन्य ऐसे प्रतिष्ठान जो यात्रियों को असहज कर सकते हैं, उन्हें अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली के मेयर राजबल यादव ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए बताया कि पहले दुकानदारों से अनुरोध किया जाएगा, और यदि जरूरत पड़ी तो नगर निगम की ओर से औपचारिक दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। यह कदम कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और श्रद्धालु-मैत्री बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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