Panchkula School Attack:हरियाणा के पंचकूला में स्कूल के अंदर हुई हिंसक घटना ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीसरी कक्षा के एक बच्चे ने पहली कक्षा की मासूम बच्ची पर बेरहमी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। करीब 35 घंटे बेहोश रहने के बाद शनिवार को बच्ची को होश आया। फिलहाल उसका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है। उसके चेहरे और नाक की हड्डी में फ्रैक्चर है। डॉक्टरों के मुताबिक, चेहरे की चोटों के कारण सर्जरी करनी पड़ेगी।
स्कूल में हुआ हमला
यह घटना पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल की है। सीसीटीवी फुटेज में तीसरी कक्षा का बच्चा पहली कक्षा की बच्ची को बहाने से पहली मंजिल के क्लासरूम में ले जाता दिखाई दिया।
आरोप है कि उसने बच्ची का सिर तीन-चार बार बेंच पर पटका, बाल पकड़कर घसीटा और जमीन पर गिराकर लातें मारीं। इसके बाद ईंट से उसके चेहरे पर कई बार हमला किया। बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई और आरोपी वहां से चला गया।
कमरे में बंद रही बच्ची
स्कूल की छुट्टी के बाद कर्मचारियों ने कमरे में ताला लगा दिया। किसी ने यह जांच नहीं की कि अंदर कोई बच्चा तो नहीं रह गया है। बच्ची काफी देर तक खून से लथपथ बेहोश पड़ी रही।
उसके पिता स्कूल पहुंचे तो आरोपी बच्चे ने ही उन्हें कमरे के बारे में बताया। खिड़की से बेटी की हालत देखकर पिता ने कर्मचारियों को बुलाया और दरवाजा खुलवाया। पहले उसे अल्केमिस्ट अस्पताल ले जाया गया। बाद में पंचकूला सिविल अस्पताल से पीजीआई रेफर कर दिया गया।
शिक्षकों पर उठे सवाल
आरोप है कि करवाचौथ से एक दिन पहले कुछ शिक्षिकाएं स्कूल में मेहंदी लगवाने में व्यस्त थीं और बच्चों की निगरानी पर ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों का सवाल है कि छुट्टी के समय कक्षाओं की जांच क्यों नहीं हुई और बच्ची इतनी देर तक घायल अवस्था में कैसे पड़ी रही?
पिता ने जताया दर्द
बच्ची के पिता का कहना है कि आज उनकी बेटी के साथ ऐसा हुआ है, कल किसी और बच्चे के साथ भी हो सकता है। उनके मुताबिक, आरोपी बच्चे ने पूछने पर कहा कि उसे ऐसा करने में मजा आता है। पिता को आशंका है कि कम उम्र का हवाला देकर आरोपी पर कार्रवाई नहीं होगी।
जांच के आदेश जारी
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी बनाई है। स्कूल की प्रिंसिपल और शिक्षकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
शनिवार को अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर घटना दबाने का आरोप लगाया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
आयोग ने लिया संज्ञान
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने पीजीआई पहुंचकर बच्ची के परिवार से मुलाकात की। आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस देकर रिपोर्ट मांगी है। मानवाधिकार आयोग के जस्टिस ललित बत्रा ने भी संज्ञान लेते हुए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने की बात कही है।
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। आरोपी की उम्र को देखते हुए कानूनी कार्रवाई किशोर न्याय कानून के तहत होगी। वहीं, बच्ची को शारीरिक इलाज के साथ मानसिक सहयोग की भी जरूरत है। अब जांच में यह तय होना है कि हमले के लिए जिम्मेदारी किसकी है और स्कूल में हुई लापरवाही पर क्या कार्रवाई होती है।

