Indore Police: इंदौर में आरोपियों की पट्टियों का खुला राज, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

इंदौर में सड़क विवाद के आरोपियों का पुलिस ने पट्टियां बांधकर जुलूस निकाला। जेल पहुंचने पर वे बिना पट्टियों के नजर आए। वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे और जांच के आदेश दिए गए।

Indore Police Viral Video Case

Indore Police Controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नया विवाद सामने आया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में सड़क पर हुए एक विवाद के बाद गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों का पुलिस ने इलाके में जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपियों के हाथों और पैरों पर सफेद पट्टियां बांधी गई थीं, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे गंभीर रूप से घायल हैं। लेकिन बाद में सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को नए विवाद में बदल दिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए।

जेल गेट पर खुली पोल

दिनभर चले इस घटनाक्रम के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और फिर जेल भेजा गया। इसी दौरान जेल गेट के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में तीनों आरोपी बिना किसी पट्टी के सामान्य स्थिति में दिखाई दिए। वहीं, जिन पट्टियों के साथ उन्हें जुलूस में घुमाया गया था, वे जेल परिसर के बाहर दीवार के पास पड़ी मिलीं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सत्यता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई को हीरानगर थाना क्षेत्र में कार और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने इस मामले में शोभित शक्यवार, निक्की अहिरवार, ओम उर्फ देवाय और एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका सार्वजनिक जुलूस निकाला गया। आरोप है कि उन्हें घायल दिखाने के लिए हाथ-पैरों पर पट्टियां बांधी गईं, ताकि पुलिस की कार्रवाई ज्यादा प्रभावशाली दिखाई दे।

रिश्वत के आरोप

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से मिलीभगत या रिश्वत के कारण केवल दिखावे के लिए आरोपियों को पट्टियां बांधी थीं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। इस घटना के बाद पुलिस की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

जांच के दिए गए आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी रुबीना मिजवानी ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या अनुचित भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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