Odisha Jitu Munda Case:ओडिशा के क्योंझर जिले से सामने आया जिटू मुंडा का मामला पूरे देश को हिला देने वाला है। इस घटना में एक भाई को अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक जाना पड़ा, ताकि वह उसके खाते से पैसे निकाल सके। अब इस मामले में नया अपडेट आया है, जिसमें बैंक अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
जांच में क्या सामने आया
रेवेन्यू डिविजनल कमिश्नर संग्राम केशरी मोहापात्रा ने इस मामले की जांच शुरू की। उन्होंने जिटू मुंडा के घर और ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लीपोसी शाखा का दौरा किया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि बैंक अधिकारियों ने सही तरीके से मदद नहीं की। बैंक में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी नहीं थी, जिससे यह पता नहीं चल सका कि जिटू और बैंक कर्मियों के बीच क्या बातचीत हुई थी।
पहले से जानते थे बैंक अधिकारी
जांच में यह भी पता चला कि जिटू मुंडा और उनकी बहन कला मुंडा बैंक के नियमित ग्राहक थे। बैंक अधिकारी उन्हें पहले से जानते थे और उनके खाते से कई बार पैसे निकाले जा चुके थे। इसके बावजूद इस बार उन्हें सही तरीके से सहयोग नहीं मिला, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
मौत के कागज नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह जांच की जाएगी कि फरवरी में मौत होने के बाद भी कला मुंडा का मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर क्यों नहीं दिया गया। इसी वजह से जिटू मुंडा को इतनी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें अपनी बहन का शव कब्र से निकालकर बैंक ले जाना पड़ा, ताकि 19,300 रुपये का क्लेम मिल सके।
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा, जहां विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि इस घटना से राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा है।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
