Odisha Landslide Deaths:ओडिशा में चक्रवात ‘अर्णव’ के बाद लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 लोग लापता हैं। गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि कंधमाल जिले के राइकिया में भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। वहीं, गजपति जिले में पहले लापता बताए गए एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
गिड़ीपाबली में बड़ी त्रासदी
सबसे गंभीर स्थिति गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक के पहाड़ी इलाके में स्थित गिड़ीपाबली गांव में है। यहां बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। घटना के समय गांव में करीब 25 लोग मौजूद थे। शुरुआत में 13 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। इनमें से बुजुर्ग महिला तारावती प्रधान का पता लगा लिया गया है, लेकिन 12 लोग अब भी लापता हैं।
इनकी तलाश के लिए अग्निशमन सेवा की तीन टीमें, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 160 से 170 जवान तैनात किए गए हैं। लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की दुर्गम परिस्थितियों के कारण बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों तक पहुंच रही राहत
एसआरसी के मुताबिक, फिलहाल बाढ़ की स्थिति केवल गंजाम जिले में बनी हुई है। रुषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। जिले के लगभग सभी गांवों का सड़क संपर्क बहाल कर दिया गया है। हालांकि, एक गांव अभी भी बाहरी दुनिया से कटा हुआ है। वहां हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री के साथ पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान समय पर पहुंचाया जाए।
बिजली और राहत शिविरों की व्यवस्था
गंजाम जिले के आस्का में शनिवार तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। एसआरसी ने बताया कि जिले के 80 से 85 प्रतिशत बिजली ढांचे को ठीक किया जा चुका है।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए गंजाम जिले में 367 राहत शिविर खोले गए हैं। इनमें बाढ़ प्रभावित 1,05,622 लोगों को आश्रय दिया गया है। वहीं, गजपति जिले में 21,782 लोग प्रभावित हुए हैं। उनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था के तहत 340 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गिड़ीपाबली में लापता 12 लोगों को तलाशना और दुर्गम इलाकों में फंसे परिवारों तक मदद पहुंचाना है।

