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सत्ता में भी नहीं सुधरा पानी का बहाव, आंगन में तैर रही वादों वाली चुनावी नाव

बलिया – पूरी बरसात के बीतने के बाद भी सड़कों और नाली में कच्चा भरा हुआ है, पानी के निकास के अभाव में गंदगी में रहने को ग्रामवासी मजबूर है, फेफना थाना क्षेत्र के सिंहपुर के लोग गंदगी में जीवनयापन करने को मजबूर है, प्रधान द्वारा सफाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाने से नालियां तो गंदगी से भरी हुई ही है, कहीं-कहीं नालियों के अभाव में गरीब के घर के आंगन में वादों वाली चुनावी नाव तैर रही है,  प्रधान बेबी मौर्या के अंदेखा से गांव की गलियों, पड़ोस की नालियों में गंदगी फैली हुई है।

सत्ता से भी सुधार नहीं, बेबस बेबी मौर्या के पास उपचार नहीं

सूत्रों के अनुसार बेबी मौर्या के तेवर समय के साथ बदलता जा रहा है, लोगों से विकास के वादे करने वाली बेबी मौर्या सत्ता में होकर भी अपने पड़ोसियों के आंगन के पानी की सही दिशा में देने में सक्षम नहीं है,  जिससे पड़ोस में बीमारी कि स्थिति बनती जा रही है।

असहायों पर सत्ता का कहर, गंदगी बनी किसानों की परेशान

पानी का निकास कहीं न होने पर प्रधान बेबी मौर्या के द्वारा अपने घर का पानी पड़ोसियों के खेतों में बहाया जाता है, जिससे ना सिर्फ आस-पास में गंदगी फैल रही है, खेती के लिए उपजाऊ खेत की जमीन भी बर्बाद हो रहा है, शिकायत करने पर राशन, जॉब कार्ड, सरकारी सुविधाओं से वंचित करने की धमकी दी जाती है, जिससे बेबस और कमजोर पड़ोसी खौफ की जिंदगी जीने को मजबूर है, कुछ पड़ोसी मनरेगा में कार्य करते है जिनकों मनरेगा के बजाय बेबी मौर्या प्रधान जबरन अपने खेतों में काम कराती है, बेबी मौर्या के ससुर के साथ खेतों में पड़ोसी मनरेगा कर्मचारी न चाहते हुए भी हाथ बंटाते नजर आते है, सत्ता का पूरा फायदा मनरेगा कर्मचारियों से ले रही है बेबी मौर्या, जिसकी वजह से गांव में सफाई कार्य बांधा हो रही है।

ऐसे सुधर सकती है गांव की गंदगी की स्थिति

गंदगी से परेशान लोगों ने बता कि जिसकी सत्ता आती वो अपने अनुसार गंगा बहाने लगते है, जिससे एक तरफ की समस्या दूसरी तरफ बनी रहती है, इसे दूर करने के लिए प्रधान द्वारा पूरे गड्डे का सहारा लेना चाहिए, उन गड्डों को चौड़ीकरण, सफाई और साथ-साथ एक निश्चित पानी इक्कठा होने पर मोटर के सहारे सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे गंदा पानी का उपयोग होगा, और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

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