Moradabad Bolero Accident: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। मूंढापांडे-करनपुर मार्ग पर तेज रफ्तार बोलेरो ने सड़क किनारे लगे पकौड़ी के ठेले में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो ठेले को घसीटते हुए आगे ले गई और पास में खेल रहे पांच बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में एक साल की मासूम चित्रा और दो साल के अंश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। बच्चों को बचाने की कोशिश में ठेला संचालक की 60 वर्षीय मां चम्मा देवी भी घायल हो गईं। सभी घायलों को दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद गांव में गुस्सा फैल गया। ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस के पहुंचने पर जमकर हंगामा हुआ।
ठेले के पास खेल रहे थे बच्चे
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मुड़िया भायपुर गांव निवासी सतपाल सड़क किनारे पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे उनका ठेला लगा हुआ था। उस समय उनकी मां चम्मा देवी भी वहां मौजूद थीं।
इसी दौरान गांव के रहने वाले रनवीर सिंह की छह वर्षीय बेटी इच्छा अपनी एक साल की बहन चित्रा को लेकर ठेले के पास खड़ी थी। इसके अलावा इंदर का दो साल का बेटा अंश, लेखराज की पांच वर्षीय बेटी महक और राकेश का छह वर्षीय बेटा आयुष भी वहीं खेल रहे थे।
बताया गया कि करनपुर की तरफ से तेज रफ्तार बोलेरो आई और सीधे ठेले में जा घुसी। टक्कर के बाद वाहन ठेले को कुछ दूर तक घसीटता चला गया। इस दौरान वहां मौजूद पांचों बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
बच्चों को बचाने के लिए चम्मा देवी ने दौड़कर कोशिश की, लेकिन वह भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
चालक की पिटाई, पुलिस से भिड़े ग्रामीण
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया।
पुलिस जब चालक को थाने ले जाने लगी तो गांव की महिलाएं पुलिस वाहन के सामने खड़ी हो गईं। ग्रामीणों की मांग थी कि जिलाधिकारी और एसएसपी को मौके पर बुलाया जाए और मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए।
बढ़ते हंगामे को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाना पड़ा। इसके बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हुए और पुलिस का वाहन मौके से नहीं निकल सका।
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद देर शाम साढ़े सात बजे पुलिस ने लाठी फटकारकर भीड़ को हटाया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव भी किया। इसके बाद पुलिस चालक को लेकर थाने पहुंची।
जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
इस हादसे ने अंश के परिवार को ऐसा दुख दिया, जिसे भुलाना मुश्किल है। मंगलवार को ही अंश का दूसरा जन्मदिन था। परिवार में जन्मदिन की खुशियां मनाने की तैयारी थी, लेकिन हादसे ने सब कुछ मातम में बदल दिया।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि बोलेरो चालक को हिरासत में ले लिया गया है। दुर्घटना में शामिल वाहन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। परिजनों से शिकायत लेकर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






















