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ChatGPT की प्राइवेसी पर बड़ा सवाल,क्या आपकी सारी चैट्स हो रही है स्टोर ?जाने क्या है AI की सच्चाई

ChatGPT का इस्तेमाल पढ़ाई, काम और रोजमर्रा के सवालों के लिए करोड़ों लोग करते हैं। ऐसे में इसकी प्राइवेसी को लेकर एक रिपोर्ट ने सवाल उठाए हैं।

14 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में लीक हुए इंटरनल डॉक्यूमेंट्स, इंस्ट्रक्शन गाइड्स और वास्तविक यूजर प्रॉम्प्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया गया कि OpenAI के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ChatGPT की वास्तविक बातचीत को पढ़कर AI के जवाबों का मूल्यांकन कर रहे हैं। रिपोर्ट में इस प्रक्रिया को Project Lily नाम दिया गया है।

रिव्यूअर्स क्या देखते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, मानव रिव्यूअर्स यूजर के प्रॉम्प्ट और ChatGPT के जवाबों को देखते हैं। इसके बाद वे जवाब की उपयोगिता, सटीकता, भाषा और यूजर की जरूरत के अनुरूप होने जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं।

रिव्यूअर्स जवाबों को रेट और क्रिटीक भी करते हैं, ताकि मॉडल के भविष्य के जवाबों में सुधार किया जा सके। OpenAI ने 404 Media को बताया कि रिव्यूअर्स तक पहुंचने से पहले बातचीत पर Privacy Filter जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कंपनी ने माना कि यह प्रक्रिया हर निजी जानकारी को हमेशा पहचान पाए, ऐसा जरूरी नहीं है।

क्या रिव्यूअर्स को यूजर की पहचान दिखाई देती है?

हालांकि, रिव्यू डैशबोर्ड में यूजरनेम दिखाई नहीं देता। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ मामलों में बातचीत के साथ यूजर की पिछली गतिविधियों से जुड़ी memory summary भी दिखाई दे सकती है। इसका मतलब यह है कि बातचीत में मौजूद निजी जानकारी पूरी तरह अलग हो जाए, यह हर मामले में सुनिश्चित नहीं माना जा सकता।

यूजर्स के पास क्या विकल्प है?

OpenAI के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, व्यक्तिगत ChatGPT सेवाओं में यूजर्स Settings → Data Controls → “Improve the model for everyone” को बंद कर सकते हैं। इसे बंद करने के बाद नई बातचीत मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं की जाती, हालांकि वह चैट हिस्ट्री में दिखाई दे सकती है।

एक दूसरा विकल्प Temporary Chat है। OpenAI के अनुसार Temporary Chats हिस्ट्री में दिखाई नहीं देते, मेमोरी नहीं बनाते और मॉडल सुधार के लिए इस्तेमाल नहीं होते। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इनकी कॉपी 30 दिनों तक रखी जा सकती है।

निजी जानकारी शेयर करते समय रखें सावधानी

इस रिपोर्ट के बाद ChatGPT को पूरी तरह निजी डायरी की तरह इस्तेमाल करने से बचना समझदारी है। पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी या ऐसी निजी जानकारी जिसे आप किसी अन्य व्यक्ति के सामने नहीं रखना चाहते, उसे चैट में साझा करने से बचना बेहतर है।

मानव रिव्यू का इस्तेमाल AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन यूजर्स के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि AI चैट को हमेशा केवल दो लोगों के बीच की निजी बातचीत मानना सही नहीं है। अपनी Data Controls सेटिंग्स की जांच करना और संवेदनशील जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना उपयोगी है।

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