Google Chrome Update: इंटरनेट सर्फिंग हमारी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा है। अक्सर बहुत सारे टैब्स खुले होने पर हमें यह पहचानने में दिक्कत होती है कि कौन सा पेज किस बारे में है। इसी समस्या का समाधान करते हुए गूगल ने क्रोम ब्राउज़र के सबसे पुराने और बेसिक फीचर ‘टैब्स’ को पूरी तरह से री-डिजाइन किया है। नवंबर 2025 से टेस्टिंग फेज में रहने के बाद, अब यह फीचर आम यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
क्या है वर्टिकल टैब्स फीचर?
साधारण शब्दों में कहें तो, अब तक आपके ब्राउज़र में टैब्स सबसे ऊपर एक हॉरिजॉन्टल (आड़ी) लाइन में दिखते थे। अब आप उन्हें अपनी स्क्रीन के बाईं ओर (Left Side) एक वर्टिकल (खड़ी) लिस्ट के रूप में देख सकेंगे। यह लेआउट मोबाइल और आधुनिक मॉनिटर्स की चौड़ाई को देखते हुए तैयार किया गया है।
क्यों महसूस हुई इसकी जरूरत?
टैब्ड ब्राउजिंग की शुरुआत 2002 के आसपास हुई थी। लेकिन आज के समय में यूजर्स एक साथ 20 से 50 टैब्स खोल लेते हैं। ऊपर वाली पट्टी में जब ज्यादा टैब्स खुलते हैं, तो उनका आकार इतना छोटा हो जाता है कि केवल ‘आइकन’ ही नजर आता है। वर्टिकल टैब्स इस समस्या को जड़ से खत्म करते हैं।
यूजर्स को मिलने वाले मुख्य फायदे:
पूरी हेडलाइन देखना आसान: वर्टिकल लिस्ट होने की वजह से हर टैब का टाइटल या नाम साफ पढ़ा जा सकता है। अब आपको अंदाज़ा लगाने की जरूरत नहीं कि कौन सा टैब किस वेबसाइट का है।
कुशल मल्टी-टास्किंग: जो लोग रिसर्च या कोडिंग जैसे काम करते हैं और दर्जनों टैब्स खोलते हैं, उनके लिए साइड बार में स्विच करना और टैब्स को मैनेज करना बहुत तेज हो जाता है।
स्क्रीन का सही इस्तेमाल: आज के मॉडर्न लैपटॉप और मॉनिटर चौड़े (Widescreen) होते हैं। साइड बार में टैब्स रखने से स्क्रीन की वर्टिकल स्पेस बचती है, जिससे वेबसाइट का कंटेंट ज्यादा बेहतर दिखता है।





