Microsoft Copilot: आज के समय में ऑफिस के कई घंटों का काम मिनटों में पूरा करने के लिए लोग तेजी से AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं। इनमें माइक्रोसॉफ्ट का Copilot भी एक लोकप्रिय नाम बन चुका है। लेकिन हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा Copilot के इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों में किए गए बदलाव ने यूजर्स को चौंका दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि इस टूल का उपयोग सावधानी से किया जाए और इसे पूरी तरह भरोसेमंद निर्णय लेने वाले सिस्टम की तरह न माना जाए।
टर्म्स ऑफ सर्विस में बदलाव से यूजर्स हैरान
माइक्रोसॉफ्ट ने Copilot के टर्म्स ऑफ सर्विस में बदलाव करते हुए कहा है कि यूजर्स को इस AI टूल का इस्तेमाल अपनी जिम्मेदारी पर करना चाहिए। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि Copilot को पूरी तरह पेशेवर निर्णय लेने के लिए भरोसेमंद स्रोत की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस अपडेट के बाद कई यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है, क्योंकि Copilot को पहले “फ्यूचर ऑफ वर्क” के रूप में प्रमोट किया गया था।
कानूनी जोखिम से बचने की कोशिश?
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम कानूनी सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है। दरअसल, Copilot जैसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल आधारित AI टूल्स कभी-कभी गलत जानकारी भी दे सकते हैं, जिसे टेक्नोलॉजी की भाषा में “हैलुसिनेशन” कहा जाता है। ऐसे में कंपनी संभावित कानूनी जोखिमों से खुद को सुरक्षित रखना चाहती है।
क्या ऑफिस के काम के लिए बंद हो गया Copilot?
माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि Copilot को ऑफिस के कामों के लिए बंद नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स इसे एक सहायक टूल की तरह इस्तेमाल करें, न कि अंतिम निर्णय लेने वाले सिस्टम की तरह। साथ ही किसी भी महत्वपूर्ण काम में AI द्वारा दी गई जानकारी को उपयोग करने से पहले फैक्ट-चेक करना जरूरी है।
बिक्री और प्रमोशन जारी
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ कंपनी सावधानी बरतने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी तरफ Copilot को प्रोडक्टिविटी टूल के रूप में प्रमोट भी किया जा रहा है। हाल ही में Copilot Cowork जैसे नए फीचर्स लॉन्च किए गए हैं और कंपनी “Vibe Working” जैसे नए कार्य-मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है। ऐसे में यह साफ है कि AI टूल्स का इस्तेमाल जारी रहेगा, लेकिन जिम्मेदारी के साथ।
