Technology की दुनिया तेजी से बदल रही है और हर दिन नए-नए वीयरेबल गैजेट्स बाजार में आ रहे हैं। कुछ साल पहले तक स्मार्टफोन को सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी माना जाता था, लेकिन अब स्मार्टवॉच, स्मार्ट रिंग और फिटनेस बैंड जैसी डिवाइसेज आम हो चुकी हैं।
अब इसी कड़ी में एक नई टेक्नोलॉजी ने दस्तक दी है—Smart Earring। यह नया वीयरेबल डिवाइस हेल्थ ट्रैकिंग को और ज्यादा आसान और एडवांस बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह हेल्थ मॉनिटरिंग की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है।
मार्केट में आई नई Smart Earring
हाल ही में Lumia Health ने Lumia 2 नाम से एक नई डिवाइस लॉन्च की है। यह देखने में ईयररिंग जैसी लगती है, लेकिन इसके अंदर कई एडवांस हेल्थ सेंसर मौजूद हैं।
कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे छोटा वेलनेस वीयरेबल डिवाइस है। इसे खास तौर पर क्रॉनिक ब्लड फ्लो डिसऑर्डर से जूझ रहे मरीजों के लिए डिजाइन किया गया है।
इस डिवाइस में प्रोसेसर, बैटरी और हेल्थ सेंसर लगे हैं, जो नींद, एक्टिविटी और ब्लड फ्लो समेत करीब 20 हेल्थ पैरामीटर्स को ट्रैक कर सकते हैं।
कैसे काम करती है Smart Earring?
Smart Earring का कॉन्सेप्ट नया जरूर है, लेकिन इसका काम करने का तरीका बेहद दिलचस्प है। इसका सेंसर कान के पीछे लगाया जाता है, जहां ब्लड वेसल्स काफी स्पष्ट रूप से मॉनिटर की जा सकती हैं।
यही वजह है कि यह डिवाइस हार्ट रेट और ब्लड फ्लो की ज्यादा सटीक जानकारी दे सकती है। अच्छी बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए कान छिदवाने की जरूरत नहीं होती।
यह कई डिजाइन और फिनिश में आती है, जिससे यह फैशन और टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन बन जाती है।
Smart Earring के बड़े फायदे
Smart Earring का सबसे बड़ा फायदा इसकी सटीक हेल्थ ट्रैकिंग है। कान के पीछे की नसों से मिलने वाला डेटा अक्सर कलाई की तुलना में ज्यादा बेहतर माना जाता है।
यह लगातार पहनी जा सकती है, जिससे दिनभर की एक्टिविटी का रिकॉर्ड आसानी से मिलता रहता है।
डिस्ट्रेक्शन फ्री हेल्थ ट्रैकिंग
स्मार्टवॉच की तरह इसमें कोई डिस्प्ले नहीं होता, इसलिए बार-बार नोटिफिकेशन देखने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे यूजर बिना किसी रुकावट के अपनी हेल्थ ट्रैकिंग कर सकता है।
यह हर कुछ मिनट में डेटा रिकॉर्ड करती है और उसकी पूरी रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराती है।
