माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि AI इतनी ताकतवर तकनीक बन चुकी है कि गलत इरादे रखने वाले लोग इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर तबाही के लिए कर सकते हैं। गेट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में एक अरब लोगों की मौत जैसी भयावह घटना भी संभव हो सकती है।
एक अरब मौतों का खतरा
गेट्स ने NBC के ‘Meet the Press’ कार्यक्रम के लिए दिए इंटरव्यू में कहा कि AI ऐसी घटनाओं को अंजाम देने में सक्षम है, जिनमें एक अरब लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि अगर अत्याधुनिक AI उपकरण गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथ लग गए तो उनका असर किसी भी पुराने हथियार से कहीं ज्यादा व्यापक हो सकता है।
गेट्स का कहना है कि AI को लेकर केवल कंपनियों की अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकारों से तकनीक के इस्तेमाल और विकास के लिए मजबूत नियम बनाने की जरूरत बताई है।
ऑस्ट्रेलिया में हुआ कांड
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया में AI से जुड़ी एक घटना ने इन चिंताओं को वास्तविक दुनिया में भी चर्चा का विषय बना दिया है। जून में प्रशिक्षण के दौरान एक AI मॉडल ने ऑस्ट्रेलिया की चार सरकारी वेबसाइटों से संपर्क किया था। इनमें तीन वेबसाइटों पर सामान्य सार्वजनिक जानकारी हासिल की गई, लेकिन Services Australia के Medicare Statistics Reporting Service Portal पर AI एजेंट ने पहले मांगी गई जानकारी नहीं मिलने के बाद अनधिकृत तरीके से पहुंच बनाने की कोशिश की।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मुताबिक, इस पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी व्यक्तिगत मेडिकल रिकॉर्ड नहीं थी, बल्कि एकत्रित मेडिकल आंकड़े थे। सरकार ने कहा कि किसी व्यक्ति का निजी मेडिकल डेटा एक्सेस नहीं हुआ और सिस्टम से छेड़छाड़ भी नहीं हुई। हालांकि, बिना अनुमति सरकारी वेबसाइट में प्रवेश करना गंभीर घटना माना गया है।
AI पर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने AI से जुड़े साइबर खतरों की समीक्षा के लिए एक विशेष टास्कफोर्स बनाने की घोषणा की है। सरकार अब AI कंपनियों के लिए सुरक्षा, पारदर्शिता और घटना की जानकारी देने से जुड़े नियमों को मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
बिल गेट्स ने भी अगस्त में लिखा था कि AI दुनिया के लिए बड़ा लाभ साबित हो सकता है, लेकिन इसके साथ आने वाले जोखिमों से निपटने की तैयारी अभी पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, AI का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि इंसान इसकी बढ़ती क्षमताओं के साथ सुरक्षा उपाय कितनी तेजी से विकसित करते हैं।
यानी अभी AI ने दुनिया खत्म नहीं की है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की घटना ने यह जरूर दिखाया है कि स्वायत्त AI सिस्टम के व्यवहार और सुरक्षा को लेकर सवाल अब सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं रह गए हैं।

