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Cyber Security: क्या Laptop से फोन चार्ज करना होता है सेफ? जानिए इससे बढ़ सकता है वायरस का खतरा

Cyber Security: ऑफिस, कॉलेज या सफर के दौरान कई लोग अपने स्मार्टफोन को लैपटॉप से चार्ज करते हैं। आमतौर पर यह तरीका सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि आज के अधिकांश स्मार्टफोन एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ आते हैं, जो ओवरचार्जिंग और अधिक करंट से सुरक्षा देते हैं। यदि आप अपने भरोसेमंद लैपटॉप और अच्छी गुणवत्ता की USB केबल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो बैटरी को नुकसान होने की संभावना बहुत कम रहती है।

लैपटॉप से चार्जिंग धीमी क्यों होती है?

अगर फोन लैपटॉप से धीरे चार्ज हो रहा है, तो इसकी वजह USB पोर्ट की कम पावर आउटपुट हो सकती है। पुराने USB 2.0 पोर्ट, खराब या कम गुणवत्ता वाली केबल और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट का न होना भी चार्जिंग स्पीड कम कर देता है। वहीं, चार्जिंग के दौरान गेम खेलना या लगातार फोन इस्तेमाल करना प्रक्रिया को और धीमा कर सकता है।

कब बढ़ जाता है खतरा?

सबसे ज्यादा जोखिम तब होता है, जब आप किसी अनजान या सार्वजनिक कंप्यूटर से फोन चार्ज करते हैं। USB के जरिए सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि डेटा भी ट्रांसफर हो सकता है। यदि फोन में फाइल ट्रांसफर (MTP) मोड सक्रिय हो जाए, तो डेटा चोरी, मैलवेयर या वायरस का खतरा बढ़ सकता है।

पब्लिक कंप्यूटर से चार्ज करते समय रखें ये सावधानी

यदि मजबूरी में सार्वजनिक कंप्यूटर से फोन चार्ज करना पड़े, तो फोन कनेक्ट करते ही “Charge Only” या “केवल चार्जिंग” मोड चुनें। इससे डेटा ट्रांसफर बंद रहेगा और आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी।

सुरक्षित चार्जिंग के लिए अपनाएं ये टिप्स

हमेशा ओरिजिनल या अच्छी क्वालिटी की USB केबल का इस्तेमाल करें। यदि लैपटॉप का USB पोर्ट ढीला, खराब या जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा हो, तो उससे फोन चार्ज न करें। जहां संभव हो, फोन को उसके ओरिजिनल वॉल चार्जर से ही चार्ज करना बेहतर माना जाता है।

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