Dish Tv: टीवी यूजर्स के लिए राहत,बिना किसी डिवाइस के देख सकेंगे फ्री डिश चैनल

सरकार ने ऐसे नए टीवी पेश किए हैं जिनमें सैटेलाइट ट्यूनर पहले से लगा होगा, जिससे अब दर्शक डीडी फ्री डिश चैनल बिना सेट-टॉप बॉक्स के सीधे देख सकेंगे। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण पहल और मायवेव्स मंच के जरिए कंटेंट बनाने वालों को नए अवसर मिलेंगे और डिजिटल व रचनात्मक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

 Dish Tv: सरकार ने टीवी देखने के अनुभव को आसान और किफायती बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे नए टीवी पेश किए हैं जिनमें इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड की सुविधा दी जाएगी। इस नई व्यवस्था के जरिए अब दर्शक दूरदर्शन के डीडी फ्री डिश चैनल बिना किसी अलग सेट-टॉप बॉक्स के सीधे अपने टीवी पर देख सकेंगे। इससे अतिरिक्त खर्च और तारों की झंझट से राहत मिलेगी।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम

नई तकनीक के तहत टीवी में ही सैटेलाइट ट्यूनर लगाया गया है, जिससे चैनल सीधे सिग्नल प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही इसमें आसान और उपयोगकर्ता अनुकूल प्रोग्राम गाइड भी दी गई है, जिसकी मदद से दर्शक चैनलों और उनके कार्यक्रमों की जानकारी आसानी से देख सकेंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल को लॉन्च करते हुए कहा कि इससे लोगों को अलग उपकरण लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और टीवी देखने का अनुभव पहले से बेहतर होगा।

डिजिटल क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

इस अवसर पर सरकार ने डिजिटल कौशल को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण पहल भी शुरू की है। यह पहल गूगल और यूट्यूब के सहयोग से शुरू की गई है। इसका उद्देश्य मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई तकनीक, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में प्रशिक्षित करना है।

कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नया मंच

सरकार ने मायवेव्स नाम का एक नया मंच भी शुरू किया है। यह वेव्स मंच का हिस्सा है और अब यह केवल कार्यक्रम देखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपयोगकर्ताओं को अपनी रचनाएं बनाने और साझा करने की सुविधा भी देगा। इस मंच पर छोटे वीडियो, खड़े प्रारूप वाले वीडियो और धारावाहिक कार्यक्रम जैसे कई प्रकार के सामग्री प्रारूप उपलब्ध होंगे।

 युवाओं को होगा लाभ

इस नई पहल के बाद आम दर्शकों के लिए टीवी देखना आसान और सस्ता हो जाएगा, क्योंकि अब अलग सेट-टॉप बॉक्स लगाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए भी नए अवसर तैयार होंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल मंचों के जरिए वे अपनी पहचान बना सकेंगे और रोजगार के नए रास्ते तलाश सकेंगे। 📺

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