Site icon News1India

बड़े बदलाव का संकेत-, AI और वैश्विक व्यापार दबाव से 2 करोड़ भारतीय नौकरियों पर खतरा

Saurabh Mukherjeaफाइनेंशियल एक्सपर्ट सौरभ मुखर्जी ने चेतावनी दी है कि भारत की मिडिल‑क्लास जल्द ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर सकती है। उनके अनुसार, आर्थिक दबाव, महंगाई और नौकरी बाजार की अस्थिरता के कारण लगभग 2 करोड़ लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो सकते हैं। मुखर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि न केवल नौकरियों की कमी, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और निवेश के विकल्पों पर भी संकट गहरा सकता है। उनका सुझाव है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को सतर्क उपाय करने होंगे और लोगों को वित्तीय तौर पर सुरक्षित रहने की रणनीतियाँ अपनानी होंगी।

उन्होंने आगे कहा कि यह संकट आर्थिक मंदी का नतीजा नहीं है। बल्कि, यह उन कंपनियों द्वारा AI को अपनाने के कारण है जो लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए AI का इस्तेमाल कर रही हैं। मुखर्जी ने कहा, “हम देख सकते हैं कि हर कंपनी इंसानों की जगह AI का इस्तेमाल कर रही है। चाहे वह हमारे पोर्टफोलियो में शामिल बैंक हों, जिन मीडिया संस्थानों से हम बात करते हैं, या चीन के पोर्टफोलियो में शामिल IT सेवा कंपनियाँ हों।” उनका अनुमान है कि भारत को इसका पूरा असर झेलने में दो से तीन साल लगेंगे, इस दौरान वेतनभोगी नौकरियों का एक बड़ा हिस्सा गायब हो सकता है। “भारत एक विशाल gig इकॉनमी बन जाएगा। यह सिर्फ़ राइडशेयर और फ़ूड डिलीवरी तक सीमित नहीं होगा। हमारे सभी रिश्तेदार इस गिग इकॉनमी का हिस्सा होंगे।” भारत में मध्यम वर्ग की नौकरियों का संकट गहराता जा रहा है—जो मंदी से नहीं, बल्कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और वैश्विक व्यापार की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रेरित है। मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी चेतावनी देते हैं कि अगर नीति निर्माताओं ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

हाल ही में एक पॉडकास्ट में, मुखर्जी ने भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट में चल रहे उथल-पुथल की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा, “हम जॉब मार्केट में भारी उथल-पुथल देख रहे हैं। IT , बैंकिंग और मीडिया जैसे मानक मध्यम-वर्गीय नौकरियों की जगह गिग जॉब्स का माहौल ले लेगा।”

विज्ञापन में दिख रही मॉडल भी AI है। वह कोई असली महिला नहीं है। वह एक AI  मॉडल है। विज्ञापन में दिख रहा तोता भी असली नहीं है। वह एक AI तोता है।”

मुखर्जी ने बाहरी जोखिमों, खासकर अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव, की ओर भी इशारा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ वापस नहीं लेते हैं, तो क्रिसमस तक 2 करोड़ भारतीय नौकरियाँ खत्म हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, “सालाना ₹2-5 लाख कमाने वाले लोगों को अपनी नौकरियाँ खोते देखना और दशकों से निर्यात फ्रैंचाइज़ी बनाने वाली कंपनियों को सज़ा मिलना बेहद दुखद है। आइए उम्मीद करें और प्रार्थना करें कि भारत सरकार और राष्ट्रपति ट्रम्प जल्द ही एक मुक्त व्यापार समझौते पर पहुँचें।”

Exit mobile version