YouTube New Features:यूट्यूब ने बच्चों और किशोरों (टीन्स) के लिए अपने प्लेटफॉर्म को और ज्यादा सुरक्षित और परिवारों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को यूट्यूब ने तीन अहम नए बदलावों का ऐलान किया, जिनका मकसद बच्चों की ऑनलाइन आदतों पर बेहतर नियंत्रण देना और पैरंट्स की चिंता को कम करना है।
इन नए फीचर्स से अब न सिर्फ स्क्रीन टाइम कंट्रोल आसान होगा, बल्कि टीन्स को उनकी उम्र के हिसाब से बेहतर कंटेंट भी देखने को मिलेगा।
पहला और सबसे अहम बदलाव
यह स्क्रीन टाइम कंट्रोल से जुड़ा है। अब पैरंट्स यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा यूट्यूब शॉर्ट्स कितनी देर तक देख सकता है। इसके लिए शॉर्ट्स स्क्रॉल करने का समय पहले से सेट किया जा सकेगा। अगर पैरंट्स चाहें तो इस समय सीमा को बिल्कुल शून्य भी कर सकते हैं। यानी पढ़ाई, होमवर्क या परीक्षा के समय यूट्यूब शॉर्ट्स पूरी तरह बंद किए जा सकते हैं। वहीं, सफर के दौरान या खाली समय में 30 मिनट या 60 मिनट की लिमिट तय की जा सकती है। यूट्यूब का दावा है कि यह फीचर पहली बार इंडस्ट्री में लाया गया है। इसके साथ ही सोने के समय और बीच-बीच में ब्रेक लेने के लिए रिमाइंडर भी सेट किए जा सकेंगे।
दूसरा बड़ा बदलाव
यह बदलाव टीन्स के लिए दिखाए जाने वाले कंटेंट की क्वॉलिटी को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। यूट्यूब ने इसके लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, ताकि किशोरों को ऐसा कंटेंट मिले जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न हो, बल्कि उनके सीखने और सोचने की क्षमता को भी बढ़ाए। यह गाइडलाइंस यूथ एक्सपर्ट्स, यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स और अमेरिकन साइकॉलजिकल असोसिएशन जैसी संस्थाओं की मदद से तैयार की गई हैं। इसके तहत खान अकैडमी, क्रैशकोर्स और पढ़ाई से जुड़े चैनलों को ज्यादा प्रमोट किया जाएगा। साथ ही यूट्यूब का रिकमेंडेशन सिस्टम भी बदला जाएगा, ताकि भटकाने या कम गुणवत्ता वाले वीडियो की जगह सकारात्मक और ज्ञान देने वाला कंटेंट सामने आए।
तीसरा बदलाव
यह बदलाव अकाउंट मैनेजमेंट को आसान बनाने से जुड़ा है। यूट्यूब जल्द ही एक नया साइन-अप सिस्टम लॉन्च करेगा, जिससे पैरंट्स बच्चों के लिए अलग अकाउंट आसानी से बना सकेंगे। मोबाइल ऐप में कुछ ही टैप में किड अकाउंट, टीन अकाउंट और पैरंट अकाउंट के बीच स्विच किया जा सकेगा। इससे हर सदस्य को उसकी उम्र के हिसाब से सही कंटेंट और सही सेटिंग्स मिलेंगी। साथ ही बार-बार सेटिंग बदलने की झंझट भी खत्म हो जाएगी।
कुल मिलाकर, यूट्यूब के ये नए फीचर्स बच्चों की डिजिटल सेफ्टी को मजबूत करने और पैरंट्स को ज्यादा नियंत्रण देने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं।


