Amethi Helipad Construction: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अमेठी की प्रशासनिक मशीनरी ने विकास की गति को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। जिले के सभी 12 ब्लॉकों में आधुनिक हेलीपैड निर्माण की तैयारी युद्धस्तर पर शुरू हो गई है, जिसका उद्देश्य न केवल वीवीआईपी आवाजाही को सुगम बनाना है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों और आपदा प्रबंधन के समय त्वरित सहायता सुनिश्चित करना भी है। राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी की टीमों ने जमीन की पैमाइश और चिन्हांकन का काम शुरू कर दिया है, जिसकी पहली झलक गौरीगंज के आनापुर गांव में देखने को मिली। यह पहल अमेठी को कनेक्टिविटी के मामले में उत्तर प्रदेश के अग्रणी जिलों की श्रेणी में खड़ा कर देगी, जहाँ तकनीक और बुनियादी ढांचा सीधे ग्रामीण स्तर तक पहुँचेगा।

प्रशासनिक सक्रियता और जमीन का चिन्हांकन
मुख्यमंत्री के आदेश के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सक्रियता दिखाते हुए एडीएम को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा था। इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय गौरीगंज के ‘आनापुर’ और संग्रामपुर ब्लॉक के ‘भवसिंहपुर’ में जमीन का चिन्हांकन और पैमाइश का कार्य पूरा किया गया। संग्रामपुर में तो निर्माण कार्य को औपचारिक मंजूरी भी दे दी गई है। विभाग का लक्ष्य है कि बिना किसी देरी के सभी 12 ब्लॉकों में स्थान तय कर काम शुरू कर दिया जाए।
हेलीपैड की विशेषताएँ और तकनीक
ये Amethi हेलीपैड केवल एक लैंडिंग ग्राउंड मात्र नहीं होंगे, बल्कि इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा:
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आयाम: प्रत्येक Amethi हेलीपैड लगभग 85 x 50 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला होगा।
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कनेक्टिविटी: मुख्य सड़क से हेलीपैड तक 50 मीटर का एप्रोच रोड बनाया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही आसान हो।
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आधुनिक सुविधाएं: इन्हें ‘ऑल-वेदर’ लैंडिंग और आपातकालीन लाइटों जैसी सुविधाओं से लैस करने की योजना है।
रणनीतिक बदलाव: 13 की जगह 12 ब्लॉक
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में कुल 13 ब्लॉक हैं, लेकिन बहादुरपुर ब्लॉक में पहले से ही फुरसतगंज हवाई अड्डा मौजूद है। इसी सामरिक लाभ को देखते हुए बहादुरपुर को छोड़कर शेष सभी 12 ब्लॉकों में नए हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। 2 जनवरी को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस प्रोजेक्ट को ‘फास्ट ट्रैक’ पर डाल दिया गया है।
यह परियोजना Amethi के बुनियादी ढांचे को एक नई पहचान देगी, जिससे चिकित्सा आपातकाल और प्रशासनिक निगरानी में अभूतपूर्व सुधार होगा।









