Site icon News1India

27 महीने बाद जेल से रिहा हुए आजम, अखिलेश का ट्वीट- स्वागत है

रामपुर से सपा विधायक आजम खान 27 महीने बाद शुक्रवार को सीतापुर जेल से रिहा हो गए। सुबह 8 बजे जेल से बाहर आए आजम को उनके दोनों बेटों अब्दुल्ला और अदीब ने रिसीव किया। शिवपाल यादव भी इस दौरान साथ रहे। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत हुई। फिर शिवपाल अपनी गाड़ी से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मीडिया से बात करते हुए शिवपाल ने कहा कि- आजम खान हमारे साथी हैं।

जेल से आजम सीधे सीतापुर में अपने करीबी पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। वहां समर्थकों ने आजम को घेर लिया। समर्थकों से गले मिलने के दौरान आजम भावुक हो गए। उनकी आंखें भर आईं। यहां से आजम खान रामपुर के लिए रवाना हो गए।

अखिलेश ने ट्वीट कर किया आजम का स्वागत

अखिलेश यादव ने गुरुवार को आजम खान को जमानत मिलने पर कोई ट्वीट नहीं किया। इसे लेकर वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। हालांकि शुक्रवार सुबह आजम की रिहाई होने के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट करके उनका स्वागत किया और बधाई दी।

और वहीँ दूसरी ओर आजम की पत्नी तंजीन फातिमा ने तो अखिलेश के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि “मैं उनके (अखिलेश यादव) बारे में कुछ नहीं कहना चाहती। कोर्ट ने हमें राहत दी है, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया।”

पढ़िए, कपिल सिब्बल की बड़ी बात

आजम की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी की। सिब्बल ने आरोप लगाया था कि यूपी सरकार उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। साथ ही कहा था कि आजम खान दो साल से जेल में हैं, उन्हें अब जमानत दे दी जानी चाहिए।

अखिलेश से नाराज़ आज़म ?

आजम खान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बेहद नाराज बताए जाते हैं। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने हाल ही में कई बार इशारों-इशारों में नाराजगी जाहिर की है तो उनके कई करीबियों ने सपा से इस्तीफा दे दिया है। आजम के करीबियों का आरोप है कि पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले मुस्लिम नेता की रिहाई के लिए अखिलेश यादव ने कोई प्रयास नहीं किया।

एक नया मोड़ यह भी

माना जा रहा है कि सूबे की राजनीति में नए मोड़ आ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आजम की बगावत से अखिलेश यादव की परेशानी बढ़ सकती है। अगर वह सपा से अलग होते हैं तो बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर्स सपा से किनारा कर सकते हैं।

आजम की सियासी ताकत से सभी वाकिफ हैं। यही वजह है कि कांग्रेस से लेकर बसपा तक ने आजम खान पर डोरे डाले हैं। शिवपाल यादव भी आजम खान से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं और उन्हें अपना भाई बताते हुए संकेत दिया था कि दोनों नेता साथ मिलकर नया मोर्चा बना सकते हैं।

(By: ABHINAV SHUKLA)

Exit mobile version