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Health Care: सर्दियों में बढ़ जाता है viral fever का खतरा,इन घरेलू नुस्ख़ों से रखें ख़ुद को सुरक्षित

वायरल बुखार एक आम समस्या है, जो शरीर में तापमान बढ़ने से होता है। यह किसी बैक्टीरिया के कारण नहीं बल्कि एक वायरस के इन्फेक्शन से होता है। इसलिए इसे एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक नहीं किया जा सकता। वायरल बुखार खुद बखुद ठीक हो जाता है, लेकिन इस दौरान कुछ घरेलू नुस्खों से राहत जरूर पाई जा सकती है।

वायरल बुखार के लक्षण

जब किसी को वायरल बुखार होता है, तो सबसे पहले शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। इसके बाद शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, और कमजोरी महसूस होती है। कई बार बुखार के साथ ठंड और कंपकंपी भी हो सकती है। गला खराब होना, सर्दी और खांसी आना भी इसके लक्षण हैं। इसके अलावा भूख कम लगना और पाचन संबंधी परेशानियां भी देखने को मिलती हैं। वायरल बुखार के कारण उलटी होने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी हो जाती है।

वायरल बुखार क्यों होता है?

वायरल बुखार होने के कुछ आम कारण हैं,
जिनमें गंदा खाना और पानी शामिल हैं। अगर आप संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं या गंदी सतहों को छूने के बाद बिना हाथ धोए आंखों और मुँह में हाथ लगाते हैं, तो वायरस से इंफेक्टेड हो सकते हैं। बारिश के मौसम में कीड़े मकोड़ों के काटने से भी वायरल बुखार हो सकता है।

वायरल बुखार से बचने के नुस्खे

हल्दी वाला दूध

हल्दी में एंटीवायरल गुण होते हैं, जो बुखार को कम करने में मदद करते हैं। इसे दूध में मिला कर पीने से सर्दी जुकाम और बुखार दोनों में आराम मिलता है। यह शरीर को गर्म भी रखता है।

दालचीनी और अदरक

दालचीनी और अदरक दोनों ही गले की सूजन और खराबी को ठीक करने में मदद करते हैं। इनकी चाय बनाकर पीने से गला आराम पाता है और सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है।

 

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यहां दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है और यह सूचना मात्र है इस्तेमाल करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह, अपने विवेक का प्रयोग और डॉक्टर से परामर्श जरूर करें, न्यूज1इंडिया और लेखक इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

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