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Plastic Bottle Health Risk: प्लास्टिक की बोतल में पानी कैसे बढा रहा दिल की बीमारी, जानिए क्या है डॉक्टर की एडवाइजरी,

Plastic Bottle Health Risk: अगर आप भी रोज प्लास्टिक की बोतल से पानी पीते हैं, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। रांची के न्यूरो और स्पाइन सर्जन डॉ. विकास ने हाल ही में X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने हार्ट अटैक के पीछे छिपी एक नई और डराने वाली वजह के बारे में बताया। यह कारण है माइक्रोप्लास्टिक, जो प्लास्टिक की बोतल में मौजूद होता है।

रिसर्च ने खोली आंखें

इटली में की गई एक नई स्टडी में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस रिसर्च के मुताबिक, प्लास्टिक से निकला माइक्रोप्लास्टिक हमारे शरीर में जाकर इम्यून सेल्स में सूजन पैदा करता है। यही नहीं, ये माइक्रोप्लास्टिक बैड कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम के साथ मिलकर नसों में जमने लगता है। इसका नतीजा होता है। ब्लॉकेज, जिससे अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस शोध में 275 लोगों को शामिल किया गया था। इनमें से 150 लोगों की नसों में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया। जिन लोगों के शरीर में यह मौजूद था, उनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक या फिर जान जाने का खतरा 4.53 गुना ज्यादा देखा गया।

हार्ट अटैक के समय क्या करें?

डॉ. के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आता है, तो घबराने की बजाय फौरन ये दो कदम उठाएं

CPR दें: यानी दिल की धड़कन और सांस वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करें।

ये चार दवाएं तुरंत दें

डिस्प्रिन (Disprin)

सॉर्बिट्रेट (Sorbitrate)

अटोर्वा (Atorvastatin)

क्लॉपिडोग्रेल (Clopidogrel)

ये दवाएं खून का थक्का बनने से रोकती हैं और नसों को खोलने में मदद करती हैं। डॉ. का कहना है कि ये दवाएं हर घर में इमरजेंसी के लिए जरूर रखनी चाहिए।

अब क्या करें

अगर आप सेहत को लेकर सजग हैं, तो आज से ही प्लास्टिक की बोतल का पानी पीना बंद कर दें। कोशिश करें कि स्टील, तांबे या कांच की बोतलों का इस्तेमाल करें। यह न सिर्फ सेहत के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

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