Cylinder Refilling Update:मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखाई देने लगा है। इसका प्रभाव एलपीजी (LPG) की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है, जिससे कई देशों की तरह भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित आपूर्ति बाधाओं को ध्यान में रखते हुए देश की गैस वितरण एजेंसियों ने संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वास्तविक उपभोक्ताओं तक सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू करने शुरू कर दिए हैं।
9 महीने से निष्क्रिय कनेक्शन
इन्हीं प्रयासों के तहत लंबे समय से निष्क्रिय पड़े गैस कनेक्शनों पर अस्थायी रोक लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गैस वितरकों के अनुसार ऐसे उपभोक्ता, जिन्होंने पिछले 9 महीनों या उससे अधिक समय से एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं कराया है, उनकी बुकिंग सेवाओं को फिलहाल “सस्पेंडेड” श्रेणी में डाला जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य तथाकथित “घोस्ट कनेक्शन” यानी फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों की पहचान करना और उनके संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाना है।
सब्सिडी व्यवस्था को संतुलित रखने की कोशिश
गैस एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह जरूरी हो गया है कि एलपीजी जैसी आवश्यक घरेलू सुविधा का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं तक पहुंचे, जो वास्तव में इसका नियमित उपयोग करते हैं। कई मामलों में निष्क्रिय कनेक्शनों का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाता है, जिससे सब्सिडी व्यवस्था पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता है। ऐसे में निष्क्रिय खातों की पहचान कर उन्हें अस्थायी रूप से रोकना एक एहतियाती कदम माना जा रहा है।
KYC प्रक्रिया से दोबारा शुरू
हालांकि, जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन इस प्रक्रिया के तहत अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे कुछ आसान औपचारिकताएं पूरी करके अपनी सेवा दोबारा शुरू करा सकते हैं। इसके लिए संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय में जाकर नया केवाईसी फॉर्म भरना होगा। साथ ही आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जमा करनी होगी, ताकि उपभोक्ता की पहचान और विवरण की पुष्टि की जा सके।
48 घंटे में अपडेट
इसके अलावा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक या फेस रिकग्निशन के जरिए सत्यापन भी कराया जा सकता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा उपभोक्ता का रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाता है, जो आमतौर पर 24 से 48 घंटों के भीतर पूरा हो जाता है। इसके बाद उपभोक्ता पहले की तरह आसानी से गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं।

