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Paddy Hopper Attack: धान की फसल पर मंडराया हॉपर का खतरा, खेतों की निगरानी बढ़ी

 Paddy Hopper Attack: धान की फसल पकने के करीब पहुंचते ही खेतों में हॉपर का प्रकोप बढ़ने लगा है। फिलहाल इसका असर नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन अगेती धान की कटाई शुरू होने के साथ आसपास की खड़ी फसलों में हॉपर के पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।

खेतों से आबादी क्षेत्र तक पहुंचा हॉपर

हॉपर अब खेतों से निकलकर गांवों और शहरों के आबादी वाले इलाकों तक भी पहुंचने लगा है। शाम होते ही स्ट्रीट लाइट, ट्यूब लाइट और बल्ब की रोशनी के आसपास इनके झुंड दिखाई दे रहे हैं। सड़कों पर रोशनी के आसपास बड़ी संख्या में कीट मंडराने से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।

कई जगह हॉपर वाहन चालकों के चेहरे और आंखों से टकरा रहे हैं। वहीं, घरों के दरवाजे या खिड़कियां खुली होने पर ये रोशनी की ओर आकर्षित होकर कमरों के अंदर भी पहुंच रहे हैं।

कटाई के बाद दूसरे खेतों में पहुंच सकता है

अगेती किस्म के धान की कटाई शुरू हो चुकी है। जानकारों के अनुसार कटाई के बाद खाली हुए खेतों से हॉपर आसपास खड़ी धान की फसल की ओर जा सकते हैं। ऐसे में किसानों के लिए आसपास के खेतों की निगरानी करना जरूरी हो गया है।

गर्मी, नमी और घनी फसल से बढ़ सकता है प्रकोप

मौसम की स्थिति भी हॉपर की संख्या को प्रभावित करती है। रात में ठंडक, दिन में गर्मी और अधिक नमी होने पर इसके पनपने की संभावना बढ़ सकती है। घनी फसल में हवा का आवागमन कम होने से भी इनकी संख्या बढ़ सकती है।

हॉपर धान के पौधों के तने से रस चूसते हैं। अधिक संख्या में होने पर पौधे कमजोर पड़ सकते हैं और उनकी वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

पांच से 10 हॉपर दिखें तो करें निगरानी

किसानों को रोजाना खेत में जाकर पौधों की जांच करने की सलाह दी गई है। केवल खेत के किनारे से फसल देखने के बजाय अंदर जाकर पौधों को देखना चाहिए। यदि एक पौधे पर पांच से 10 हॉपर दिखाई दें तो कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित दवा का छिड़काव किया जा सकता है।

 

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