Whale Ambergris Seizure: क्या होती है दुर्लभ एम्बरग्रीस किस काम आती हैं, 4 करोड़ की ‘व्हेल की उल्टी’ बरामद, मछुआरा गिरफ्तार

महाराष्ट्र के रायगढ़ में पुलिस ने एक मछुआरे से 4 किलो एम्बरग्रीस बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी इसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था।

Whale Ambergris Seizure

Major Seizure: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में तटीय सुरक्षा गश्त के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। अलीबाग पुलिस ने थल गांव के चलमाला जेटी के पास एक 33 वर्षीय मछुआरे को गिरफ्तार किया है। उसके पास से करीब 4 किलोग्राम दुर्लभ एम्बरग्रीस बरामद किया गया है, जिसे आम बोलचाल में ‘व्हेल की उल्टी’ कहा जाता है। बरामद पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी की पहचान थल गांव निवासी राहुल पंढरीनाथ हतानी के तौर पर की है।

रात में पकड़ा

यह कार्रवाई रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक अंचल दलाल के निर्देश पर तटीय इलाकों में बढ़ाई गई विशेष निगरानी के दौरान हुई। पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे पुलिस और होम गार्ड्स की संयुक्त टीम चलमाला जेटी के आसपास गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में स्कूटी चलाते देखा। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो वह घबरा गया और सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया।

डिक्की में छिपा माल

संदेह के आधार पर पुलिस टीम ने जब आरोपी की स्कूटी की तलाशी ली तो उसकी डिक्की से कपड़े के एक बैग में लिपटा हुआ पदार्थ मिला। जांच में यह एम्बरग्रीस निकला, जिसका वजन करीब 4 किलोग्राम था। पुलिस ने एम्बरग्रीस के साथ आरोपी की करीब 25 हजार रुपये कीमत वाली स्कूटी को भी जब्त कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इस दुर्लभ पदार्थ को किसे बेचने की कोशिश कर रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो नहीं है।

कुत्तों से मिला

पूछताछ में राहुल हतानी ने पुलिस को बताया कि करीब चार महीने पहले उसे चलमाला बीच पर यह पदार्थ मिला था। उसके अनुसार, समुद्र के किनारे बहकर आए इस पदार्थ को कुछ आवारा कुत्ते खा रहे थे। उसने कुत्तों को वहां से भगाया और एम्बरग्रीस को इकट्ठा कर लिया। इसके बाद उसने इसे अपनी स्कूटी की डिक्की में छिपाकर रखा हुआ था। आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से इसके लिए खरीदार तलाश रहा था, लेकिन सौदा होने से पहले ही पुलिस की नजर उस पर पड़ गई।

कानून में पाबंदी

एम्बरग्रीस बेहद दुर्लभ मोम जैसा पदार्थ होता है, जो स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में प्राकृतिक रूप से बनता है। अंतरराष्ट्रीय परफ्यूम उद्योग में इसकी मांग काफी अधिक बताई जाती है, क्योंकि इसका इस्तेमाल खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने वाले फिक्सिटिव के रूप में किया जाता है। भारत में स्पर्म व्हेल संरक्षित समुद्री जीव है और एम्बरग्रीस से जुड़े कारोबार पर कानूनी पाबंदियां हैं। पुलिस ने आरोपी और बरामद एम्बरग्रीस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अलीबाग वन विभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को सौंप दिया है।

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