संभल के नए CJM बने आदित्य सिंह: शाही जामा मस्जिद सर्वे का आदेश देकर आए थे चर्चा में

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदित्य सिंह को संभल का नया CJM नियुक्त किया है। उन्होंने ही शाही जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। वह विभांशु सुधीर की जगह लेंगे, जिन्होंने हाल ही में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।

Aditya Singh

Aditya Singh CJM Sambhal: संभल के न्यायिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह को जिले का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त किया है। वह विभांशु सुधीर का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल केवल तीन माह का रहा। पूर्व CJM विभांशु सुधीर हाल ही में संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देकर सुर्खियों में आए थे। दूसरी ओर, नए CJM आदित्य सिंह वही न्यायिक अधिकारी हैं जिन्होंने 19 नवंबर 2024 को संभल की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद के सर्वे का विवादित आदेश जारी किया था, जिसके बाद जिले में व्यापक हिंसा भड़की थी। इस नियुक्ति को प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Image

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर का सफर

11 नवंबर 1988 को मुजफ्फरनगर में जन्मे Aditya Singh का न्यायिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उनके पिता राज सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने 2011 में एलएलबी और 2014 में एलएलएम की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त की।

Aditya Singh की न्यायिक सेवा की यात्रा 14 जून 2018 को सहारनपुर में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने बिजनौर और संभल में विभिन्न पदों पर कार्य किया। संभल के चंदौसी कोर्ट में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर रहते हुए उन्होंने एमपी-एमएलए फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने नई दिल्ली स्थित IIPA से न्यायिक अधिकारियों के लिए विशेष प्रबंधन प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।

मस्जिद सर्वे और संभल हिंसा का संदर्भ

Aditya Singh का नाम सबसे ज्यादा तब चर्चा में आया जब उन्होंने कैला देवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरि की याचिका पर संभल की शाही जामा मस्जिद के पुरातात्विक सर्वे का आदेश दिया। याचिका में दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन हरिहर मंदिर को तोड़कर किया गया है।

19 नवंबर 2024 को दिए गए इस आदेश के बाद उसी शाम सर्वे टीम मस्जिद पहुँच गई, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव फैल गया। 24 नवंबर को जब टीम दोबारा सर्वे के लिए पहुँची, तो हिंसा भड़क उठी जिसमें चार लोगों की जान गई और भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।

विभांशु सुधीर का स्थानांतरण

निवर्तमान CJM विभांशु सुधीर का तबादला चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हिंसा के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए एएसपी और अन्य कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया था। अब आदित्य सिंह की पदोन्नति और इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से संभल की कानूनी कार्यवाही और आगामी अदालती फैसलों पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

बीजेपी में ‘नबीन’ युग की शुरुआत: मोदी-शाह के आशीर्वाद से बिहार के लाल ने दिल्ली में गाड़ा झंडा!

Exit mobile version