Agra – Lucknow expressway bus accident:उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। आगरा से लखनऊ की ओर जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। यह हादसा थाना अरौल क्षेत्र में सुबह करीब 4 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कई यात्रियों की हालत नाजुक, घायलों का चल रहा इलाज
घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और टोल कर्मी मदद के लिए आगे आए और रेस्क्यू शुरू किया। गंभीर घायलों को तुरंत एंबुलेंस से कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। इनमें से एक दर्जन से अधिक यात्रियों की हालत नाजुक बताई जा रही है। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिनेश त्रिपाठी खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग बनी हादसे की बड़ी वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और चालक तेज गति से वाहन चला रहा था। इसी बीच बस का संतुलन बिगड़ा और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। कई यात्री बस के टूटे हिस्सों में फंस गए जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
पुलिस ने बढ़ाई सख्ती, मृतकों की पहचान जारी
पुलिस के अनुसार बस में सवार कई यात्री यूपी और बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए पुलिस ने ड्राइवरों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और ओवरलोडिंग से बचने की चेतावनी दी है। पुलिस ने रात और सुबह के समय विशेष सतर्कता अपनाने की अपील भी की है।
यह हादसा फिर से साबित करता है कि तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि कई निर्दोष लोगों की जान भी ले लेता है।








