Akhilesh Yadav News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके समर्थकों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए एक विस्तृत पोस्ट में उन्होंने भाजपा को आंख मूंदकर वोट देने वालों की नैतिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अपने घर की बहन-बेटियों की सुरक्षा और भविष्य को देखने के बाद आईने में खुद से सवाल करें कि क्या उनका वोट सही दिशा में जा रहा है। अखिलेश ने भाजपा शासित राज्यों को ‘डबल इंजन’ के बजाय ‘डबल भ्रष्टाचार’ और अपराध का केंद्र करार देते हुए जनता से ‘सांप्रदायिकता का चश्मा’ उतारने का आग्रह किया।
विभिन्न राज्यों की विफलताओं का आरोप
Akhilesh Yadav ने अपने इस लंबे पोस्ट में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व तक फैले भाजपा शासित राज्यों की कथित विफलताओं का सिलसिलेवार ब्योरा दिया। उन्होंने निम्नलिखित मुद्दों पर सरकार को घेरा:
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश: उन्होंने उत्तराखंड में बेटियों के लिए न्याय की गुहार और यूपी में जहरीले सिरप से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया। साथ ही, यूपी में जीएसटी अधिकारी के घर से करोड़ों की नकदी मिलने पर ‘ईमानदार टैक्स सिस्टम’ के दावों पर तंज कसा।
मध्य प्रदेश और दिल्ली: एमपी में दलितों पर अत्याचार और बाबा साहेब की तस्वीरें जलाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा की मानसिकता पर प्रहार किया। दिल्ली के प्रदूषण को लेकर कहा कि लोग ‘एक-एक सांस के लिए तरस रहे हैं’।
महाराष्ट्र और बिहार: महाराष्ट्र में विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने की रणनीति और बिहार में शराबबंदी के बावजूद बिक रही अवैध शराब पर सवाल उठाए।
भविष्य और युवाओं की चिंता
सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश के भीतर व्याप्त इस हिंसक और नफरती माहौल के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि उन्हें कुछ और समझ नहीं आ रहा, तो वे कम से कम अपने घर के बेरोजगारों की हताशा और सिमटते हुए व्यापार के बारे में सोचें।
Akhilesh Yadav ने अंत में चेतावनी दी कि सांप्रदायिक उन्माद और महिलाओं व PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज पर हो रहे अत्याचार देश को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे धर्म के चश्मे को उतारकर हकीकत का सामना करें।








