Akhilesh Yadav On Sambhal Report: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सुबह एक तीखे ट्वीट में भाजपा सरकार पर हमला करते हुए संभल रिपोर्ट को “पलायन का प्रोपोगंडा” करार दिया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को केवल प्रदेशवासियों और निवेशकों को भ्रमित करने के लिए पेश किया गया, जबकि सरकार ने नौ साल में युवाओं के लिए रोजगार और सामाजिक संतुलन सुनिश्चित नहीं किया।
Akhilesh Yadav का आरोप
अखिलेश ने ट्वीट में कहा कि भाजपा की नौ साल की नीतियों ने उत्तर प्रदेश में पलायन बढ़ाया और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ा। उन्होंने रिपोर्ट के तथ्यों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने में असफलता दिखाई। उनके अनुसार:
- युवाओं को रोजगार न मिलने के कारण पलायन बढ़ा।
- भाजपा की स्किल मैपिंग और विकास नीतियों का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
- झूठा प्रचार प्रदेश की छवि धूमिल करता है और निवेशकों को दूर करता है।
संभल रिपोर्ट और विवाद
28 अगस्त 2025 को भारत टुडे द्वारा जारी संभल रिपोर्ट में 24 नवंबर 2024 की हिंसा और इलाके में जनसांख्यिकीय बदलाव का विवरण शामिल था। रिपोर्ट में स्वतंत्रता के बाद से संभल में हुए दंगों और हिंसा के कारणों का जिक्र था। रिपोर्ट में हिंदू आबादी में कमी और सांप्रदायिक तनाव की जड़ें उजागर की गई थीं।
हालांकि अखिलेश ने रिपोर्ट को “भ्रांतिपूर्ण और राजनीतिक प्रोपोगंडा” करार दिया, भाजपा समर्थकों ने इसे सपा की वोट बैंक राजनीति का हिस्सा बताया। कुछ यूजर्स ने रिपोर्ट के तथ्यों को लेकर सपा के पुराने दावों और सांसद जिया उर रहमान बर्क के बयान का हवाला दिया।
राजनीतिक विश्लेषण
विश्लेषकों का कहना है कि संभल रिपोर्ट और Akhilesh Yadav का बयान उत्तर प्रदेश में पलायन और सांप्रदायिक तनाव को लेकर राजनीतिक विवाद को और गहरा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस मुद्दे का समाधान तभी संभव है जब सरकार और विपक्ष मिलकर युवाओं के लिए रोजगार, संतुलित विकास और सामाजिक सौहार्द सुनिश्चित करें।