‘पागल पंडित’ कहने पर भड़के मजिस्ट्रेट! छोड़ी कुर्सी, अब शंकराचार्य देंगे प्रशासन से भी बड़ा पद?

यूपी के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने 'ब्राह्मण अस्मिता' के नाम पर इस्तीफा देकर सनसनी फैला दी है। प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है, वहीं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद देने का विशेष प्रस्ताव दिया है।

PCS Alankar Agnihotri

PCS Alankar Agnihotri resignation: उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा और उसके बाद हुआ निलंबन राज्य की नौकरशाही में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘ब्राह्मण अस्मिता’ और शासन की नीतियों के विरोध में पद छोड़ने वाले अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना और बंधक बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस विवाद के बीच ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें फोन कर अपना समर्थन दिया है। शंकराचार्य ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन से भी बड़ा पद उन्हें धर्म के क्षेत्र में दिया जाएगा। फिलहाल, अग्निहोत्री को निलंबित कर शामली से संबद्ध कर दिया गया है और उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है।

विवाद की जड़ और प्रशासन पर आरोप

PCS Alankar Agnihotri ने बरेली जिला प्रशासन, विशेषकर जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इस्तीफा देने के बाद उन्हें बातचीत के बहाने डीएम आवास पर बुलाया गया और करीब 45 मिनट तक ‘बंधक’ बनाकर रखा गया। अग्निहोत्री के अनुसार, डीएम को लखनऊ से एक फोन आया था जिसमें उन्हें ‘पागल पंडित’ कहा गया और रात भर बंधक रखने का निर्देश दिया गया।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर इस्तीफा वापस लेने का दबाव बनाया गया और विभिन्न प्रलोभन दिए गए। हालांकि, जिलाधिकारी ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बातचीत पूरी तरह सौहार्दपूर्ण थी और वे केवल इस्तीफे का कारण जानना चाहते थे।

शंकराचार्य का ‘ऑफर’ और धार्मिक मोड़

इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने PCS Alankar Agnihotri से फोन पर बात की। शंकराचार्य ने कहा, “आपने जिस तरह सनातन धर्म और अपने स्वाभिमान के लिए पद का त्याग किया है, उससे पूरा समाज गौरवान्वित है।” उन्होंने प्रस्ताव दिया कि शासन में जो उनका पद था, उससे कहीं ऊंचा पद उन्हें धर्म क्षेत्र में मिलेगा। इस समर्थन ने अग्निहोत्री के कदम को सामाजिक और धार्मिक पहचान दिला दी है।

भविष्य की चुनौतियां और विभागीय जांच

PCS Alankar Agnihotri के लिए राह इतनी आसान नहीं है। शासन ने उन्हें निलंबित कर शामली जिले में उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया है। बरेली मंडलायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो उनके सोशल मीडिया पोस्ट और सर्विस रूल्स के उल्लंघन की जांच करेंगे।

मुख्य चुनौतियां निम्नलिखित हैं:

  • इस्तीफे की स्वीकृति: अनुशासनहीनता की जांच लंबित होने के कारण शासन अक्सर इस्तीफा स्वीकार नहीं करता, जिससे अधिकारी न तो सेवा में रह पाता है और न ही बाहर।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: यदि उन पर ‘राजनीतिक टिप्पणियों’ के आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें बर्खास्तगी का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल, अलंकार अग्निहोत्री अपने स्टैंड पर अडिग हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सम्मान के लिए किसी भी परिणाम को भुगतने के लिए तैयार हैं।

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