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Aliganj Fire Case: 15 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आई इमारत पर एलडीए की कार्रवाई को लेकर अदालत आज सुनाएगी फैसला

Lucknow Coaching Centre Fire Accident

Aliganj Fire Case: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की मौत के बाद विवादों में आई अवैध व्यावसायिक इमारत को गिराने के मामले में फैसला एक बार फिर टल गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की विहित प्राधिकारी अदालत में बुधवार को इस मामले पर अंतिम निर्णय आना था, लेकिन भवन मालिक की ओर से नई कानूनी आपत्ति दाखिल किए जाने के बाद सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अब इस बहुचर्चित मामले पर गुरुवार शाम 4 बजे दोबारा सुनवाई होगी। इसे इस पूरे मामले की सबसे अहम सुनवाई माना जा रहा है।

भवन मालिक ने मांगा और समय

बुधवार को जैसे ही अदालत में सुनवाई शुरू हुई, भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवांश मेहरोत्रा ने विस्तृत आपत्ति दाखिल की। उन्होंने अदालत से कहा कि मामले से जुड़े कुछ कानूनी पहलुओं पर अपनी बात रखने के लिए उन्हें थोड़ा और समय चाहिए। अदालत ने उनकी मांग स्वीकार कर ली और सुनवाई को गुरुवार शाम तक के लिए टाल दिया। अब सभी की निगाहें आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही

एलडीए की जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित 185 वर्गमीटर के इस भूखंड का नक्शा वर्ष 2014 में केवल आवासीय भवन के रूप में पास कराया गया था। लेकिन बाद में नियमों की अनदेखी करते हुए पूरे परिसर का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाने लगा।

जांच में यह भी सामने आया कि भवन निर्माण के दौरान तय खाली जगह (सेटबैक) को भी पूरी तरह ढक दिया गया। इसके अलावा बेसमेंट से लेकर तीसरी मंजिल तक व्यावसायिक निर्माण कर दिया गया। पिछले करीब 10 वर्षों से इस इमारत का इस्तेमाल व्यावसायिक रूप से किया जा रहा था।

हादसे के बाद शुरू हुई सख्त कार्रवाई

22 जून को इसी इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग लगने के बाद धुएं के तेजी से फैलने, पर्याप्त वेंटिलेशन न होने और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण 15 बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

घटना के बाद प्रशासन ने इमारत की वैधता, फायर एनओसी और निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में कई अनियमितताएं मिलने के बाद एलडीए ने इमारत को सील करने और अवैध हिस्से को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके लिए भवन मालिक को नोटिस भी जारी किया गया।

आज की सुनवाई पर सबकी नजर

अब गुरुवार शाम 4 बजे होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी। अदालत यह फैसला करेगी कि एलडीए को अवैध निर्माण गिराने की अनुमति मिलेगी या भवन मालिक को किसी तरह की कानूनी राहत दी जाएगी। इस मामले पर शहरवासियों के साथ-साथ प्रशासन और सरकार की भी पैनी नजर बनी हुई है, क्योंकि यह फैसला भविष्य में अवैध निर्माण के मामलों के लिए भी अहम माना जा रहा है।

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