AMU News: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के उर्दू विभाग को मार्च 2023 तक ‘सेंटर ऑफ एडवांस स्टडी’ का विशेष दर्जा प्राप्त था, जिसके तहत विभाग को सरकार से विशेष सुविधाएं और अतिरिक्त बजट मिलता था। यह दर्जा विश्वविद्यालय को 2011 में यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) द्वारा दिया गया था। हालांकि, मार्च 2023 के बाद यह दर्जा समाप्त कर दिया गया। इस निर्णय के पीछे बजट गड़बड़ियों और उसके सही इस्तेमाल में खामियों को कारण बताया जा रहा है। इस दर्जे के समाप्त होने के बाद उर्दू विभाग को विशेष सुविधाएं और अतिरिक्त बजट मिलना बंद हो गया है। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे पुनः हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
कैसे मिला दर्जा और क्यों खत्म हुआ?
AMU के उर्दू विभाग को जून 2011 में यूजीसी ने ‘सेंटर ऑफ एडवांस स्टडी’ का दर्जा दिया था। यह दर्जा पाने वाला यह देश का पहला उर्दू विभाग था। इसका पहला चरण 31 मार्च 2018 तक चला और दूसरा चरण 1 अप्रैल 2018 से शुरू होकर 31 मार्च 2023 तक जारी रहा। लेकिन, तीसरा चरण शुरू नहीं हो सका।
सूत्रों के अनुसार, यूजीसी को विभाग के बजट प्रबंधन में गड़बड़ी और अनुचित उपयोग का संदेह था, जिसके चलते यह दर्जा समाप्त कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, उर्दू विभाग को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाएं और बजट बंद हो गया।
उर्दू विभाग की मौजूदा स्थिति
AMU का उर्दू विभाग इस समय उर्दू एकेडमी की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है क्योंकि इसके पास अपनी कोई स्थायी इमारत नहीं है। विभाग में 100 से अधिक छात्राएं रिसर्च कर रही हैं। विशेष दर्जा खत्म होने के बावजूद विभाग के कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए प्रशासन कोशिशें कर रहा है।
AMU के प्रवक्ता डॉ. असीम सिद्दीकी ने बताया कि विभाग का ‘सेंटर ऑफ एडवांस स्टडी’ का दर्जा 31 मार्च 2023 को समाप्त हो गया। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इसे पुनः प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही यह दर्जा वापस मिलेगा। उधर, विभाग के अध्यक्ष और प्रोफेसर इस विषय पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं और मामले पर चर्चा के लिए मीटिंग का हवाला दे रहे हैं।
उर्दू विभाग के ‘सेंटर ऑफ एडवांस स्टडी’ का दर्जा पुनः प्राप्त करना एएमयू प्रशासन की प्राथमिकता है। विशेष दर्जा प्राप्त होने से विभाग को मिलने वाले संसाधनों और शोध में सहायता मिलेगी, जिससे उर्दू भाषा के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों को नई गति मिल सकेगी।