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Adulteration Case:मिलावट का खुलासा बड़े ब्रांड्स की गुणवत्ता पर उठे सवाल ,पतंजलि का तेल,अमूल दही का नमूना हुआ फेल

Food adulteration case Amul Patanjali Gorakhpur

Adulteration Case: गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद एक बार फिर बड़े ब्रांड्स की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सितंबर में जांच के लिए लिया गया अमूल दही का नमूना अब फेल हो गया है। रिपोर्ट में पाया गया कि दही की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं थी। इससे पहले पतंजलि के उत्पादों को लेकर भी बड़ी कार्रवाई की गई थी।

पतंजलि के गोदाम पर छापा,तेल जब्त

सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की टीम ने पतंजलि के कैरीइंग एंड फारवर्डिंग (C&F) गोदाम तेजस्वी ट्रेडर्स पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां से 1260 लीटर रिफाइंड, सोयाबीन और पाम ऑयल जब्त किया गया। ये तेल टूटे या दबे हुए टिन में रखा गया था, जिसे टिन से निकालकर प्लास्टिक के बड़े ड्रमों में इकट्ठा किया गया था।

जांच टीम ने गोदाम से मधु (शहद), हल्दी, धनिया और मसालों के भी नमूने लिए। रिपोर्ट में पाया गया कि तेल के नमूने फेल हो गए हैं। यानी इनकी गुणवत्ता उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं पाई गई।

अमूल दही का नमूना भी अधोमानक

सिर्फ पतंजलि ही नहीं, बल्कि अमूल का उत्पाद भी जांच में फेल हुआ है। गोलघर इलाके में सितंबर महीने में अमूल के उत्पाद लेकर जा रहे वाहन को रोका गया था। टीम ने वहां से दही के नमूने लिए थे। अब आई रिपोर्ट में अमूल दही को भी अधोमानक बताया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए की जा रही है। विभाग अब बाजार में बिकने वाले हर ब्रांड के उत्पादों पर लगातार नजर रख रहा है।

मिलावटी खोवा नष्ट करने की तैयारी

इसी बीच विभाग ने मिलावटी खोवा (मावा) के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। नौसढ़ इलाके में बस और हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन से आए करीब 15 क्विंटल खोवा को अब नष्ट किया जाएगा।

डॉ. सिंह ने बताया कि यह खोवा कानपुर से लाया गया था, जिसमें से 12 क्विंटल बस और तीन क्विंटल ट्रेन से भेजा गया था। जब इसे जांच के लिए रोका गया, तो कोई व्यापारी इसे लेने नहीं आया। कुछ लोग बिना नमूना जांच के खोवा ले जाना चाहते थे, लेकिन विभाग ने साफ मना कर दिया।

अब नगर निगम के माध्यम से सहजनवां के सुथनी क्षेत्र में यह सारा खोवा नष्ट किया जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये है। अधिकारी ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा और उपभोक्ता हित को देखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है, ताकि मिलावटी खोवा बाजार में न पहुंचे।

विभाग की सख्ती जारी

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि त्योहारों के समय मिलावटी मिठाइयों और नकली उत्पादों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाजारों और गोदामों पर लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यापारी या कंपनी खाद्य मानकों का उल्लंघन करती पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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