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Reviving Islam के डॉक्टर के साथ पकड़ा गया जिहादी, 400 पाकिस्तानियों के साथ ‘गजवा-ए- हिन्द’ की रच रहे थे साजिश

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। गुजरात ATS के ऑपरेशन के बाद यूपी एटीएस भी कटरपंथी और पाक के पाले साजिशकर्ताओं के लिए धुआंधर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में एटीएस ने भारत विरोधी षड्यंत्र रचने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश में लगे दो कट्टरपंथी उसामा माज व अजमल अली को गिरफ्तार किया है। दोनों सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से कई पाकिस्तानी व्यक्तियों से सम्पर्क में थे और हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से भारत में गजवा-ए- हिन्द करके शरिया का कानून लागू करना चाहते थे।

यूपी एटीएस ने दो कटरपंथी युवक को अरेस्ट किया है। जिनका नाम उसमा माज और अजमल अली है। इनके मोबाइल में एक व्हाट्सएप् ग्रुप मिला है। दोनों ने व्हाट्सएप का नाम ‘Reviving Islam’ रखा हुआ था। एटीएस को इस ग्रुप के बारे में जानकारी हुई तो ऑपरेशन को लॉन्च किया। सटीक सूचना पर दोनों कटरपंथियों को दबोच लिया। एटीएस की जांच में सामने आया है, इस ग्रुप में लगभग 400 पाकिस्तानी सदस्य शामिल हैं। साथ ही ग्रुप में 3 एडमिन थे। यह ग्रुप संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बन गया था।

जांच के दौरान पता चला कि इस ग्रुप से जुड़ा एक मोबाइल नंबर उत्तर प्रदेश का है, जिसका धारक अजमल अली पुत्र असगर खान, निवासी ग्राम-देहरा, निकट अमरोहा, पोस्ट-अव्वलपुर, थाना-नौगावा सादात, जिला अमरोहा है। अजमल विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राष्ट्रविरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था। एटीएस ने अजमल को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह ‘Reviving Islam’ ग्रुप के अलावा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि अजमल एक इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ा था, जिसका प्रयोगकर्ता डा. उसामा माज शेख, निवासी बदलापुर, थाना बदलापुर पश्चिमी, जिला थाणे, महाराष्ट्र है। अजमल उसे अपना सीनियर और मेंटर मानता था, और दोनों के बीच भारत-विरोधी साजिश की बातचीत हुई। डा. उसामा के साथ इंस्टाग्राम और सिगनल ऐप के जरिए बातचीत में भारत की चुनी हुई सरकार को गिराने और शरिया लागू करने की योजना बनाई गई थी, जो जांच का मुख्य बिंदु है। एटीएस अब पूरे मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों के अन्य सहयोगियों की तलाश भी कर रही है।

एटीएस इस मामले में संदिग्धों के अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है। एजेंसी ने जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है। एटीएस की पूछताछ में दोनों ने बताया है कि वह भारत में शरिया कानून लाना चाह रहे थे। भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाह रहे थे। बता दें, इन दोनों की गिरफ्तारी से पहले गुजरात एटीएस ने अलकायदा से जुड़ी एक महिला आतंकी को पकड़ा था। महिला आतंकी का नाम शमा परवीन है, जो भारत में सोशल मीडिया के जरिए हिंसा फैलाने का कार्य कर रही थी। परवीन के अलावा चार और आतंकी एटीएस के हत्थे चढ़े थे।

 

 

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