साइकिल से लैंबोर्गिनी तक: सट्टे की पिच पर अनुराग का ‘पावरप्ले’ या काली कमाई का मायाजाल?

साइकिल से सफर शुरू करने वाला एक साधारण लड़का कैसे चंद सालों में 'धन कुबेर' बन गया? फेंटेसी क्रिकेट के बादशाह अनुराग द्विवेदी पर ईडी की रेड ने उसकी लक्जरी लाइफस्टाइल और दुबई के आलीशान विला के पीछे के राज खोल दिए हैं।

Anurag Dwivedi

Anurag Dwivedi ED Raid: यह कहानी किसी फिल्मी ब्लॉकबस्टर से कम नहीं है—एक छोटे से कस्बे का लड़का, जिसके पास कभी साइकिल हुआ करती थी, आज उसके गैरेज में करोड़ों की लैंबोर्गिनी और मर्सिडीज दहाड़ती हैं। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से निकलकर दुबई के समंदर में क्रूज पर आलीशान शादी करने वाले यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी का सफर जितना हसीन दिखता है, उतना ही पेचीदा भी है। सात साल पहले क्रिकेट सट्टेबाजी में सब कुछ गंवाकर दिल्ली भागे अनुराग ने ‘फेंटेसी प्रेडिक्शन’ को अपना हथियार बनाया और देखते ही देखते करोड़ों की सल्तनत खड़ी कर दी। लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री ने इस चमक-धमक वाली कहानी में सस्पेंस भर दिया है। क्या यह वाकई ‘दिमाग का खेल’ था या इसके पीछे हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का काला खेल छिपा है?

फर्श से अर्श तक: कैसे पलटी किस्मत की बाजी?

Anurag Dwivedi की कहानी साल 2017-18 में शुरू हुई। पिता की डांट और कर्ज के बोझ तले दबा यह लड़का जब दिल्ली पहुँचा, तो उसने फेंटेसी क्रिकेट (Dream11 जैसे ऐप्स) की दुनिया में अपनी ‘भविष्यवाणी’ का बाजार सजाया।

  • यूट्यूब और टेलीग्राम का तिलस्म: अनुराग ने दावा किया कि उसके पास खिलाड़ियों की किस्मत पहचानने की जादुई ताकत है। लाखों लोग उसकी ‘प्राइम टीमों’ पर पैसा लगाने लगे।

  • कमीशन का ‘कुबेर’ खजाना: उसकी असली कमाई का राज ‘रेफरल लिंक’ में छिपा था। जब भी कोई नया यूजर उसके लिंक से ऐप डाउनलोड करता, अनुराग की जेब में मोटा कमीशन गिरता।

  • पेड ग्रुप्स की फीस: ‘गारंटीड जीत’ का सपना दिखाकर उसने टेलीग्राम पर प्रीमियम ग्रुप्स बनाए, जहाँ एंट्री की फीस ही लाखों का टर्नओवर पैदा करने लगी।

ED की रडार पर ‘किंग’ की लक्जरी लाइफ

अभी पिछले महीने ही अनुराग ने दुबई में एक क्रूज पर करोड़ों रुपये फूँक कर शाही शादी की थी। 100 से ज्यादा मेहमानों को एयरलिफ्ट करना और पानी की तरह पैसा बहाना ही शायद उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। इसी आलीशान दिखावे ने जाँच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।

ED को इन मुख्य बिंदुओं पर शक है:

  1. हवाला कनेक्शन: क्या सट्टे का पैसा फर्जी बैंक खातों के जरिए दुबई भेजा गया?

  2. मनी लॉन्ड्रिंग: क्या फेंटेसी क्रिकेट के नाम पर ‘ब्लैक मनी’ को ‘व्हाइट’ किया जा रहा था?

  3. अवैध सट्टेबाजी: क्या अनुराग पर्दे के पीछे से किसी बड़े इंटरनेशनल बेटिंग सिंडिकेट का हिस्सा है?

विवादों का पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब Anurag Dwivedi सुर्खियों में है। एक तरफ जहाँ उसने ‘लॉरेंस बिश्नोई गैंग’ के नाम पर रंगदारी और धमकी मिलने का दावा कर सनसनी फैलाई थी, वहीं दूसरी तरफ उसके पास अचानक आई बेहिसाब दौलत हमेशा से सवालों के घेरे में रही।

“बुधवार को ईडी की छापेमारी में 5 करोड़ की लैंबोर्गिनी समेत पाँच गाड़ियां जब्त की गईं। अब सवाल यह है कि क्या अनुराग वाकई गेमिंग का जादूगर है या फिर जुर्म की दुनिया का एक मोहरा?”

यूपी में नशीली दवाओं का काला कारोबार: सीएम योगी बोले– ‘हर माफिया के तार सपा से

Exit mobile version