KGMU VC vs Aparna Yadav: लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के उत्पीड़न और धर्मांतरण के दबाव का मामला अब एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक और प्रशासनिक युद्ध बन गया है। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और KGMU की कुलपति (VC) प्रो. सोनिया नित्यानंद आमने-सामने हैं। अपर्णा यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोषियों को बचाने और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं कुलपति ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी देते हुए मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। यह विवाद अब केवल एक डॉक्टर की प्रताड़ना का नहीं, बल्कि ‘महिला आयोग बनाम KGMU प्रशासन’ की प्रतिष्ठा की लड़ाई में तब्दील हो चुका है।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव लव जिहाद-धर्मांतरण मामले में केजीएमयू पहुंचीं। वीसी चैंबर बंद होने पर उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। जय श्रीराम के जयकारे लगाए। अपर्णा ने जो कहा वीडियो में देखिए-सुनिए… pic.twitter.com/XLim07OVsD
— AVANEESH KUMAR MISHRA (@AvaneeshKMishra) January 9, 2026
मुलाकात न होने पर भड़कीं अपर्णा यादव
विवाद की शुरुआत शुक्रवार को तब हुई जब अपर्णा यादव पीड़िता को न्याय दिलाने और मामले की जानकारी लेने के लिए KGMU पहुंचीं। उनका दावा है कि कुलपति ने उनसे मिलने से परहेज किया। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने पूछा, “महिला आयोग को क्या समझ रखा है? क्या यह संवैधानिक संस्था नहीं है?” उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी रमीज मलिक को बचाने के लिए विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हैं और गवाहों पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।
VC सोनिया नित्यानंद का पलटवार: FIR की तैयारी
दूसरी ओर, कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि अपर्णा यादव के साथ आए हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने कुलपति कार्यालय में घुसकर नारेबाजी की और अभद्रता की। कुलपति ने साफ किया कि किसी भी तरह की तोड़फोड़ और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही ‘विशाखा कमेटी’ गठित कर दी गई थी और प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के गंभीर आरोप
पूरा मामला रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के इर्द-गिर्द घूम रहा है। आरोप है कि उसने अपनी शादी की बात छिपाई और एक हिंदू महिला डॉक्टर को प्रेम जाल में फंसाया। जब महिला को सच्चाई पता चली, तो रमीज ने उस पर निकाह के लिए धर्मांतरण का दबाव बनाया। पीड़िता का आरोप है कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया।
योगी सरकार की नजर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटना का संज्ञान लिया है। अपर्णा यादव ने विश्वास जताया है कि प्रदेश सरकार विधि सम्मत कार्रवाई करेगी, जबकि KGMU प्रशासन ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। फिलहाल, राजभवन से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है।
