Site icon News1India

Arun Rajbhar News: ‘पीले गमछे से जिनको दिक्कत, उनकी आंखें निकाल लेंगे’, अरुण राजभर का विवादित बयान, सरकार को खुली चेतावनी

Arun Rajbhar

Arun Rajbhar Statement: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। भारतीय सुहेलदेव जनता पार्टी (सुभासपा) के नेता और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बलिया जिले के बांसडीह में सुभासपा के एक नेता की थाने में पिटाई को लेकर Arun Rajbhar ने राज्य सरकार और प्रशासन को खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा, “पीले गमछे से जिनको दिक्कत है, जिनकी आंखें काम नहीं कर रही हैं, तो हमारे कार्यकर्ता उनकी आंख निकाल लेंगे।” इतना ही नहीं, उन्होंने सरकार से अलग होने तक की चेतावनी दे दी है। मामला एसडीएम की गाड़ी से टक्कर के बाद बढ़ा, जब नेताजी को थाने ले जाकर पीटा गया। अब इस मुद्दे पर सुभासपा ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

मंत्री के बेटे का बड़ा बयान, सरकार पर हमलावर

बलिया में मीडिया से बात करते हुए Arun Rajbhar ने कहा कि यह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की पिटाई किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। अगर प्रशासन ने तुरंत दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे सरकार से भी टकराने को तैयार हैं।

Arun Rajbhar ने यह भी कहा कि अगर सरकार में रहते हुए कार्यकर्ताओं की सुरक्षा नहीं हो रही है, तो वे सरकार में रहने का कोई औचित्य नहीं देखते। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषी स्टेनो पर शाम तक कार्रवाई नहीं हुई, तो खुद उनके पिता, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, थाने का घेराव करेंगे।

एसडीएम की गाड़ी से टक्कर के बाद बढ़ा विवाद

मामला तब शुरू हुआ जब बलिया के बांसडीह तहसील में सुभासपा के बांसडीह विधानसभा प्रभारी उमापति राजभर की गाड़ी को एसडीएम के स्टेनो की गाड़ी ने टक्कर मार दी। जब नेताजी ने इसका विरोध किया, तो स्टेनो ने दारोगा को बुलवाकर उन्हें थाने ले जाकर पिटवा दिया। इस घटना के बाद सुभासपा के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, लेकिन स्टेनो पर अब भी अटका विवाद

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दारोगा और अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुनील कुमार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की है। हालांकि, सुभासपा के नेता बांसडीह एसडीएम के स्टेनो दीपक कुमार पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने 7 मार्च को तहसील का घेराव करने की चेतावनी दी है। ऐसे में देखना होगा कि योगी सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है।

यहां पढ़ें: Pintu Mahara News: नैनी थाने का हिस्ट्रीशीटर पिंटू महरा, हत्या समेत कई संगीन मामलों में जा चुका है जेल
Exit mobile version