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खाकी की वजह से चली गई आशीष की जान, क्या मिलेगा इंसाफ ?

लखनऊ– राजधानी में खाकी को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहां पर खाकी के दबाव में आशीष कुमार नामक व्यक्ति ने मौत को गले लगा लिया। आपको बताते चलें की पूरी घटना रहीमाबाद थाना क्षेत्र की है। जहां पर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे आशीष कुमार ने फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। आपको बता दें कि आशीष कुमार ने रहीमाबाद थाने में तैनात दो दरोगा और एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आशीष को जेल भेजने की रची थी साजिश

आशीष का कहना था कि रहीमाबाद थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने फर्जी मुकदमे में फंसा कर उसे जेल भेजने की साजिश रची थी। जब इसकी जानकारी आशीष को हुई तो उसने पुलिस कर्मियों से मिन्नतें की हाथ जोड़े, की उसको मुकदमे में ना फसाया जाए वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। ऐसे में पुलिस कर्मियों पर आरोप है कि ₹50000 नाम निकालने के नाम पर घूस मांगी थी। आशीष के पास पैसा नहीं था। इसलिए उसने फांसी के फंदे पर लटकना उचित समझा।

पुलिस कार्रवाई में कर रही है खानापूर्ति

आशीष के फांसी के फंदे पर लटकते ही राजधानी पुलिस में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते दो दरोगा और एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया और पूरे मामले की जांच एसीपी काकोरी को सौंपी गई है। हैरानी वाली बात यह है कि एक कहावत है कि मरने वाला व्यक्ति कभी झूठ नहीं बोलता है और ऐसी परिस्थितियों में अगर सुसाइड नोट मिलता है और चीख-चीख कर कहता है कि पुलिसकर्मियों की वजह से आशीष की जान चली गई। उसके बावजूद लाइन भेजने जैसी मामूली कार्रवाई से क्या खानापूर्ति की जा रही है।

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