मुंह में राम, धंधे में मीट! संगीत सोम के ‘हिंदू’ नकाब के पीछे का असली खेल अतुल प्रधान ने दिखाया!

सपा विधायक अतुल प्रधान ने भाजपा नेता संगीत सोम पर मीट कारोबार में संलिप्तता और सुरक्षा के नाम पर करोड़ों सरकारी रुपये खर्च कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दस्तावेजों के साथ सोम के 'हिंदूवादी' चेहरे को महज एक दिखावा करार दिया।

Atul Pradhan

Atul Pradhan on Sangeet Som: समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी के ‘फायर ब्रांड’ नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधान ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि संगीत सोम जनता के सामने कट्टर हिंदूवादी छवि पेश करते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे वे मुस्लिम व्यापारियों के साथ मिलकर मीट का बड़ा व्यापार कर रहे हैं। प्रधान के अनुसार, सोम मोइन कुरैशी जैसे व्यापारियों की कंपनियों में हिस्सेदारी रखते हैं और उनका मीट विदेशों में निर्यात होता है। उन्होंने संगीत सोम पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर वे नफरत की राजनीति करते हैं, वहीं दूसरी ओर मांस और शराब के कारोबार से मुनाफा कमा रहे हैं। यह विवाद अब प्रदेश की राजनीति में तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

मीट कारोबार और ‘दोहरा चरित्र’

Atul Pradhan ने मीडिया के सामने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि संगीत सोम दो मीट फैक्ट्रियों में खुद डायरेक्टर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता शाहरुख खान जैसे सितारों को ‘देश का गद्दार’ बताकर सुर्खियां बटोरते हैं, वे खुद मुस्लिम व्यापारियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी कैसे कर सकते हैं? प्रधान ने कहा, “एक तरफ सोम हिंदू हितों की बात करते हैं और दूसरी तरफ विदेशों में मांस सप्लाई करने वाली कंपनियों को संचालित करते हैं। जनता को उनके इस असली चेहरे को पहचानना चाहिए।”

सुरक्षा पर 66 करोड़ का खर्च और ‘धमकी’ का ड्रामा

सपा विधायक Atul Pradhan ने संगीत सोम की सुरक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर भी कड़े सवाल किए। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • भारी खर्च: पिछले 11 वर्षों में संगीत सोम की सुरक्षा पर सरकारी खजाने से लगभग 66 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

  • मासिक व्यय: उनकी केंद्र और राज्य स्तरीय सुरक्षा पर हर महीने 40 से 50 लाख रुपये व्यय होते हैं।

  • प्रोपगेंडा का आरोप: हाल ही में बांग्लादेश से मिली धमकी को प्रधान ने सुरक्षा बरकरार रखने का एक ‘सुनियोजित नाटक’ बताया।

  • CBI जांच की मांग: सोम पर पहले हुए हमलों (गोबर के ग्रेनेड और गोलीबारी) को संदिग्ध बताते हुए प्रधान ने इनकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

जमीन कब्जाने के आरोप और खुली चुनौती

Atul Pradhan ने संगीत सोम पर अपनी सरकारी सुरक्षा का दुरुपयोग कर गरीबों की जमीनों और मकानों पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सोम की अकूत संपत्ति और उनके व्यापारिक लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अंत में, प्रधान ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेज या आरोप झूठे हैं, तो संगीत सोम उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करा सकते हैं।

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