Ayodhya Ram Mandir security breach Kashmiri man caught: अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा में सेंध का एक नया मामला सामने आया है। कश्मीरी मूल के एक व्यक्ति द्वारा मंदिर परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में नमाज पढ़ने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां फेस रीडिंग और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों जैसी त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है, फिर भी संदिग्ध का परिक्रमा मार्ग तक पहुंच जाना बड़ी चूक माना जा रहा है। हाल के महीनों में यह दूसरी बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति ‘नो एंट्री जोन’ में दाखिल हुआ है। इससे पहले कुबेर टीला क्षेत्र में भी एक संदिग्ध पाया गया था। आतंकी संगठनों की धमकियों के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा घेरे को ठेंगा: परकोटा मार्ग तक पहुंचा संदिग्ध
शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे राम जन्मभूमि परिसर के परकोटा (परिक्रमा मार्ग) पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रद्धालुओं ने एक अधेड़ व्यक्ति को नमाज पढ़ते देखा। संदिग्ध की पहचान 56 वर्षीय अहद शेख के रूप में हुई है, जो कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कश्मीरी पहनावे में होने के बावजूद वह कई सुरक्षा बैरियरों को पार कर अंदर तक पहुंचने में कामयाब रहा।
वहां मौजूद राम भक्तों ने जब उसे नमाज पढ़ते देखा, तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर मौजूद सुरक्षा बल के जवानों और एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
तकनीक और सतर्कता पर सवाल
Ayodhya Ram Mandir परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत हाई-टेक है। यहाँ हर दस कदम पर हाई-फ्रीक्वेंसी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और प्रवेश द्वार पर अत्याधुनिक फेस रिकग्निशन सिस्टम काम करता है। इसके बावजूद:
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संदिग्ध का विशिष्ट पहनावा होने पर भी किसी सुरक्षाकर्मी ने उसे क्यों नहीं रोका?
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विभिन्न स्तरों पर होने वाली शारीरिक तलाशी में वह कैसे बच निकला?
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7 जून को कुबेर टीला में हुई पिछली चूक के बाद भी सतर्कता क्यों नहीं बढ़ी?
धमकियों और साजिशों का साया
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से ही राम मंदिर लगातार आतंकी संगठनों के निशाने पर है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मंदिर प्रशासन को अब तक कई संदिग्ध ईमेल और धमकी भरे फोन कॉल मिल चुके हैं। कुंभ मेले के दौरान भी परिसर के पास दो अज्ञात ड्रोन निष्क्रिय किए गए थे। हाल ही में कुछ युवकों को कैमरे वाले चश्मे के साथ भी पकड़ा गया था।
इसी बीच, Ayodhya Ram Mandir पुलिस ने टेढ़ी बाजार क्षेत्र से दो अन्य कश्मीरी शॉल विक्रेताओं को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। हालांकि, सत्यापन के बाद पता चला कि वे स्थानीय मोहल्ले में रुके हुए थे और उनका इस घटना से सीधा संबंध नहीं था। फिलहाल, मुख्य आरोपी अहद शेख से गहन पूछताछ जारी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह केवल अज्ञानता का मामला है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।








