Azam Khan Arrest: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की दोबारा गिरफ्तारी को लेकर घमासान तेज हो गया है। जेल से रिहा होने के कुछ ही मिनट बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में लिए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि आज के हुक्मरानों को याद रखना चाहिए कि वक्त बदलने पर तख्त भी बदल जाते हैं।
आजम खान की गिरफ्तारी पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आज के हुक्मरानों को याद रहे, जब वक्त बदल जाता है तो तख्त भी बदल जाता है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमों के जरिए राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम पर देश ही नहीं, दुनिया की भी नजर है।
मीडिया से बातचीत में सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। आजम खान के इस आरोप पर कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है, अखिलेश ने उनका समर्थन किया और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
11 महीने बाद जेल से निकले, फिर ED ने लिया हिरासत में
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी पैन कार्ड से जुड़े मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर की शाम रामपुर जिला जेल से रिहाई मिली थी। दोनों करीब 11 महीने और 14 दिन जेल में रहे थे।
हालांकि, जेल के मुख्य गेट से बाहर आते ही ED की टीम ने आजम खान को हिरासत में ले लिया। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को वहां से जाने की अनुमति मिल गई।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई
ED की कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। एजेंसी आजम खान को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड मांग सकती है। अब अदालत में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजर है।
कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस हिरासत में मौतों, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध, साइबर ठगी और हत्याओं की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने बुलडोजर कार्रवाई और STF के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा एक जैसी नहीं रहती और सरकार को अपनी नीतियों के परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।

