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Justice Appeal : पांच मौतों के बाद अरविंद की भतीजी ने सीएम योगी से मांगा न्याय, उठाए पुलिस पर सवाल

Azamgarh Shambhupur Murder Case

Azamgarh Shambhupur Murder Case:आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव में हुई पांच मौतों के बाद मामला अब पुलिस कार्रवाई और पुराने विवादों तक पहुंच गया है। घटना के तीसरे दिन अरविंद सिंह की बड़ी भतीजी नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जताई है। नीतू का कहना है कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपने परिवार के लिए न्याय मांगना चाहती हैं।

नीतू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उनके पिता की हत्या के बाद आरोपितों के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी उनके परिवार के खिलाफ हुई है। उनका कहना है कि घटना के बाद परिवार को गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

आरोपितों पर उठाए सवाल

नीतू का आरोप है कि जिन लोगों पर उनके परिवार ने आरोप लगाए थे, वे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। दूसरी ओर उनका परिवार डर और असहाय स्थिति में गांव से दूर रहने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर वह पूरे मामले में जवाब मांगना चाहती हैं। नीतू के मुताबिक, परिवार के साथ हुई घटनाओं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है।

मकान सील करने का आरोप

नीतू ने पुलिस पर घर सील करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि घर के अंदर उनकी दादी के कपड़े और जरूरी सामान रह गए हैं। परिवार को पुराने और जर्जर मकान में रहने की व्यवस्था पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।

हालांकि पुलिस ने घर पूरी तरह सील करने की बात से इनकार किया है। एसएसपी के अनुसार, घटना के बाद परिवार के सदस्य अलग-अलग जगह थे। मकान को सील नहीं किया गया है, बल्कि सिर्फ घटना वाले कमरे को बंद किया गया है।

जल्द खुलेगा कमरा

एसएसपी ने बताया कि क्राइम सीन रीक्रिएशन की कार्रवाई जल्द कराई जाएगी। इसके बाद घटना वाले कमरे को भी खोल दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार परिवार के सभी सदस्य मकान में आ-जा सकते हैं।

पूजा के दौरान विवाद

पूरा मामला अहरौला के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम हुई वारदात से जुड़ा है। पूजा-पाठ के दौरान विवाद के बाद अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने आठ वर्षीय बेटे शौर्य, नौ वर्षीय बेटी परी और छह माह की बच्ची के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलने पर डीआईजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को घेर लिया।

पुलिस मुठभेड़ में मौत

पुलिस देर शाम तक अरविंद से दरवाजा खोलने के लिए कहती रही। बच्चों के कमरे में मौजूद होने के कारण पुलिस ने काफी सतर्कता बरती। रात करीब दस बजे तक अरविंद बाहर नहीं आया। इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया।

इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस अब इस वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश के पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुरानी हत्या की चर्चा

स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की वर्ष 2018 में गांव के मंदिर में पूजा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान हत्या हुई थी। सुनील सुरक्षा का काम करता था। बताया जाता है कि उनकी पत्नी ममता दिल्ली की एक कंपनी में काम करती हैं, जबकि उनकी दोनों बेटियां अपनी दादी शमला देवी के साथ गांव में रहती थीं।

नशे की लत की बात

स्थानीय लोगों का दावा है कि अरविंद नशे का आदी था और घटना वाले दिन भी नशे में था। लोगों के अनुसार, उसकी नशे की लत छुड़ाने और परिवार में शांति के लिए ही पांच दिवसीय पूजा का आयोजन कराया जा रहा था। पुलिस अब घटना की पूरी परिस्थितियों और पुराने विवादों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।

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