Banda Student Kidnapping Case: बांदा जिले में चौथी क्लास के एक छात्र के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस मासूम बच्चे की तलाश में पुलिस कई राज्यों में छानबीन कर रही थी, उसके अपहरण की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि उसके सगे मामा ने ही रची थी। पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से छात्र को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
स्कूल से लौटते समय हुआ था गायब
दस साल का हर्षित विश्वकर्मा राष्ट्रीय बाल शिक्षा निकेतन विद्यालय में कक्षा चार का छात्र है। गुरुवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद वह घर लौट रहा था, लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंचा। बेटे के गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। पिता अनिल विश्वकर्मा तुरंत स्कूल पहुंचे और जानकारी लेने के बाद पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने बनाई पांच टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने तुरंत पांच विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने कानपुर से लेकर दिल्ली तक कई टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग बदल रहे थे, ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
मामा ने दोस्तों के साथ मिलकर रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्र के मामा रामजी ने अपने दो साथियों अनीस और सुमित के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। रामजी महोबा जिले के चरखारी थाना क्षेत्र के सूपा गांव का रहने वाला है। वहीं अनीस हरियाणा के सोनीपत और सुमित रोहतक का निवासी है। पुलिस के मुताबिक रामजी पहले हरियाणा में नौकरी करता था, जहां उसकी दोस्ती दोनों आरोपियों से हुई थी।
मांगी गई 10 लाख रुपये की फिरौती
अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्चे की मां रश्मि को व्हाट्सएप कॉल कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी मोबाइल में सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। वे सिर्फ वाई-फाई के जरिए कॉल करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। पुलिस ने परिवार को बातचीत जारी रखने की सलाह दी और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
रोहतक के होटल से बच्चा बरामद
सर्विलांस की मदद से पुलिस को रोहतक के एक होटल की जानकारी मिली। इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस टीम होटल पहुंची और निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक आरोपी सिगरेट लेने बाहर निकला, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। उसकी मदद से कमरे का दरवाजा खुलवाया गया और हर्षित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुरानी रंजिश बनी वजह
थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि रामजी और उसके जीजा अनिल के बीच पहले से विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले रामजी पर परिवार के मोबाइल से लाखों रुपये ट्रांसफर करने का आरोप लगा था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में बातचीत बंद थी। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश में उसने अपने ही भांजे के अपहरण की साजिश रची।
